Special Govt. School: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में एक सरकारी स्कूल आजकल बेहद चर्चा में है. एक ऐसा सरकारी स्कूल जहां अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए जद्दोजहद करते हैं, क्योंकि आदिवासी अंचल के इस स्कूल में पिछली साल 10वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम 81 फीसदी रहे थे. स्कूल ने इस बार का लक्ष्य 100 फीसदी रखा है.
एक ऐसा दौर जब अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए अमीर और गरीब दोनों अभिभावक प्राइवेट स्कूलों की ओर रुख करना पसंद करते हैं, उस दौर में रायसेन जिले के देवरी तहसील के बरखंडा गांव में स्थित सरकारी स्कूल एक मॉडल स्कूल के रूप में उभरा है, जहां बच्चों के लिए एडमिशन के लिए अभिभावक लालायित रहते है.
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सरकारी फीस के एवज में बच्चों को मिलती है फर्स्ट क्लास एजुकेशन
गौरतलब है मौजूदा दौर में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए अभिभावक लाखों रुपए फीस चुकाने को मजबूर है. ऐसे में रायसेन जिले का सरकारी स्कूल एक उदाहरण है, जहां सरकारी फीस के एवज में बच्चों को न केवल फर्स्ट क्लास एजुकेशन मिलती है, बल्कि बच्चों को शिक्षणेत्तर शिक्षा और व्यक्तित्व विकास की पूरी गारंटी मिलती है.
बिल्कुल अलहदा है आदिवासी अंचल में स्थित यह अनोखा सरकारी स्कूल
रिपोर्ट के मुताबिक रायसेन जिले के आखिरी छोर देवरी तहसील के ग्राम बरखंडा में स्थित सरकारी स्कूल की पूरे एमपी में चर्चा है. आदिवासी अंचल में स्थित अनोखे सरकारी स्कूल की आभा दूसरे स्कूलों से बिल्कुल अलहदा है, जिसको बेहतर बनाने में हर दिन प्रिंसिपल से लेकर शिक्षक योगदान देते हैं. इस स्कूल 9वी और 10वीं क्लास में कुल 84 छात्र-छात्राएं हैं.
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MPBSE से संबद्ध स्कूल में व्यक्तित्व विकास पर दिया जाता है पूरा ध्यान
मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के संबद्ध स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का व्यक्तित्व विकास पर पूरा ध्यान दिया जाता है. अगर इसे सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूल कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. स्कूल की बिल्डिंग, हरे-भरे खेल के मैदान वाला यह स्कूल यही कारण है कि अभिभावकों को बरबस अपनी ओर खींच लेते हैं.
पिछले साल 10वीं का आया 81% रिजल्ट, इस बार है 100 फीसदी लक्ष्य
आदिवासी अंचल के 5 किलोमीटर स्थित इस स्कूल का बीते वर्ष 10वीं क्लास का 81 फीसदी रिजल्ट आया था और इस बार 100 फीसदी परिणाम का लक्ष्य रखा गया है. यहां स्कूल के टीचर हो या छात्र-छात्राएं सभी स्कूल की बेहतरी के लिए काम करते हैं. स्कूल प्राचार्या सुनीता शर्मा कहती है देश के भविष्य बच्चोंं के लिए स्कूल को सुंदर बनाया गया है.
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