ED Chargesheet Education Scam: मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग से जुड़े बड़े कथित घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है. अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा ब्लॉक शिक्षा कार्यालय से जुड़े ₹20.47 करोड़ के सरकारी पैसे के गबन के मामले में ईडी ने मुख्य आरोपी कमल राठौर समेत 6 लोगों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट (अभियोग) दाखिल कर दी है. इस कार्रवाई के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है, क्योंकि आरोप है कि कई वर्षों तक सरकारी योजनाओं के नाम पर फर्जी बिल लगाकर रकम निकाली गई.
चार्जशीट कहां दाखिल हुई और नोटिस कब जारी हुए?
ईडी के इंदौर उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने यह अभियोग माननीय विशेष न्यायाधीश (PMLA), इंदौर के सामने दायर किया है. अदालत ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 6 जनवरी 2026 को सभी आरोपियों को नोटिस जारी किए हैं. ईडी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इसकी जानकारी सार्वजनिक की है.
यह मामला मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाड़ा ब्लॉक स्थित खंड शिक्षा कार्यालय (BEO) से जुड़ा है. आरोप है कि इसी कार्यालय से जुड़े कामों में सरकारी धन की निकासी और बिलों की मंजूरी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई. सामने आई जानकारी के मुताबिक यह कथित गबन अप्रैल 2018 से जुलाई 2023 के बीच हुआ.
₹20.47 करोड़ का गबन कैसे हुआ?
जांच में यह बात सामने आई कि विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों और कल्याणकारी योजनाओं के लिए जो रकम आवंटित थी, उसे फर्जी बिलों और धोखाधड़ी के जरिए सरकारी खजाने से निकाला गया. आरोपियों पर यह भी आरोप है कि भुगतान और मंजूरी की प्रक्रिया में गड़बड़ी करके लंबे समय तक यह काम चलता रहा.
ईडी ने क्या-क्या कार्रवाई की?
ईडी ने इस मामले में जांच मध्य प्रदेश पुलिस की एफआईआर और बाद में दायर आरोप पत्र के आधार पर शुरू की. जांच के दौरान ईडी ने धारा 17 के तहत तलाशी अभियान चलाया, कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए और ₹25 लाख की राशि फ्रीज की. मामले में कथित भूमिका के चलते कमल राठौर को 7 अगस्त 2025 को गिरफ्तार किया गया था.
‘अपराध की कमाई' से संपत्ति खरीदने का भी आरोप
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि घोटाले से मिली रकम यानी Proceeds of Crime का उपयोग कर आरोपियों ने करीब ₹4.3 करोड़ मूल्य की अलग-अलग अचल संपत्तियां खरीदीं. इन्हीं तथ्यों और सबूतों के आधार पर मुख्य आरोपी समेत छह लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है.
फिलहाल क्या स्थिति है?
इस मामले में आगे की जांच जारी बताई जा रही है. माना जा रहा है कि ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित भ्रष्टाचार की पूरी कड़ी कहां तक जाती है, इसमें और कौन-कौन शामिल था, और सरकारी राशि किन रास्तों से निकाली गई.
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