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MP में इसी सत्र खुलेंगे 200 नए सांदीपनि स्कूल; CM मोहन ने कहा- सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा है नामांकन

Madhya Pradesh Shikshak Sangh: शिक्षक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा निखारते हैं. उन्होंने इतिहास का संदर्भ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती सदैव सौभाग्यशाली रही है, यही भूमि चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों को जन्म देती है, वहीं विक्रमादित्य और राजा भोज का स्वर्णिम शासन भी इसी धरती पर रहा.

MP में इसी सत्र खुलेंगे 200 नए सांदीपनि स्कूल; CM मोहन ने कहा- सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा है नामांकन
MP में इसी सत्र खुलेंगे 200 नए सांदीपनि स्कूल; CM मोहन ने कहा- सरकारी विद्यालयों में बढ़ रहा है नामांकन

MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने राजधानी भोपाल (Bhopal) की शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में मध्यप्रदेश शिक्षक संघ द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय शैक्षिक गुणवत्ता शिक्षक सम्मेलन में बुधवार को कहा कि युग और सदियाँ बदल सकती हैं, लेकिन शिक्षकों का सम्मान कभी कम नहीं हुआ और ना ही कभी होगा. उन्होंने शिक्षकों को उस दीपक के समान बताया जो स्वयं जलकर समाज और आने वाली पीढ़ियों के जीवन को प्रकाशमान करता है. मुख्यमंत्री ने प्रदेश के शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से शासकीय स्कूलों के परीक्षा परिणाम वर्ष दर वर्ष बेहतर होते गए हैं. बच्चों के प्रवेश में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है और ड्रॉपआउट दर शून्य तक पहुंच गई है. उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि शिक्षकों के समर्पण से ही संभव हो सकी है, जो वंदनीय और अतुलनीय है.

सांदीपनि और पीएमश्री विद्यालय बना रहे शिक्षा के नए मानक

डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सांदीपनि और पीएमश्री विद्यालयों ने शिक्षा की गुणवत्ता के नए मानक स्थापित किए हैं. सांदीपनि विद्यालयों की सफलता से प्रेरित होकर इसी सत्र से 200 नए सांदीपनि विद्यालय खोले जाएंगे. उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि नई शिक्षा नीति‑2020 को लागू करने में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है. उन्होंने कहा कि प्रदेश एआई, कोडिंग और कौशल-आधारित शिक्षा की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और इसमें शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

शिक्षकों के हित में सरकार की प्रतिबद्धता

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के हितों की रक्षा में सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी है और जो लाभ लंबित हैं, उन्हें भी शीघ्र दिया जाएगा. उन्होंने सरस्वती पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ सम्मेलन का शुभारंभ किया. कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं. शिक्षक संघ ने विभिन्न हितैषी निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री का आत्मीय अभिनंदन किया.

विकसित भारत के लक्ष्य में मध्यप्रदेश की अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का अर्थ ‘सहकार' भी है, और सामंजस्य से ही विकास संभव है. विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में मध्यप्रदेश सक्रिय भूमिका निभा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रदेश में 22 हजार से अधिक शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण सरलता से संपन्न हुआ है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ‘कुलगुरु' नाम दिया गया है, जो शिक्षा संस्कृति और गुरु‑शिष्य परंपरा के सम्मान का प्रतीक है. साथ ही शिक्षकों को महंगाई भत्ता प्रदान कर करीब डेढ़ लाख शिक्षकों को लाभान्वित किया गया है.

सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सेवानिवृत्त शिक्षकों कोकिला सेन, बद्री प्रसाद तिवारी, बृजमोहन आचार्य, देवकृष्ण व्यास और किशनलाल नाकड़ा का सम्मान किया. विशेष क्षण तब आया जब मुख्यमंत्री ने अपनी गुरु कोकिला सेन के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद लिया. इसी प्रकार बद्री प्रसाद तिवारी, जिन्होंने शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह को पढ़ाया था, उनका भी सम्मान किया गया.

कैलेंडर, डायरी और पुस्तिका का विमोचन

मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश शिक्षक संघ की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया और ‘हमारा विद्यालय–हमारा तीर्थ' पुस्तिका, वार्षिक कैलेंडर, टेबल कैलेंडर और डायरी का विमोचन किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक ही विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा निखारते हैं. उन्होंने इतिहास का संदर्भ देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की धरती सदैव सौभाग्यशाली रही है, यही भूमि चंद्रशेखर आजाद जैसे वीरों को जन्म देती है, वहीं विक्रमादित्य और राजा भोज का स्वर्णिम शासन भी इसी धरती पर रहा. उन्होंने कहा कि हर युग में शिक्षक ही समाज को उसके सबसे ज्वलंत प्रश्नों के उत्तर दिलाते रहे हैं.

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