रायसेन: जिले के सिलवानी में करीब 80 लाख के मूंग घोटाले में अब जांच नए मोड़ पर पहुंच गई है. घोटाले के मुख्य आरोपी अर्पित जैन समेत 5 आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है. लेकिन, अब पुलिस चोरी की मूंग खरीदने और उसे खपाने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है. कलेक्टर IAS अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर गठित जांच टीम ने वेयरहाउस पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. हैरानी वाली बात ये है कि जिस वेयरहाउस में गड़बड़ी सामने आई है उसके संचालक का कहना है कि मूंग चोरी हुई है. लेकिन, टीम को वेयरहाउस के ताले सुरक्षित मिले हैं, साथ ही कहीं भी जबरन प्रवेश के निशान भी नहीं मिले हैं.

पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा.
चौकीदार को भेज दिया था छुट्टी पर
जांच टीम के समाने वेयरहाउस के चौकीदार ने बड़ा खुलासा करते हुए दावा किया कि 25 से 27 मई तक उसे छुट्टी पर भेज दिया गया था. इस दौरान वेयरहाउस में लगे सीसीटीवी फुटेज में भी ट्रकों की आवाजाही दिखाई दे रही है. पुलिस भी इस मामले की जांच रही है. सही तथ्यों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज, परिवहन रिकॉर्ड और लेन-देन के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. पुलिस अब तक करीब 500 बोरी मूंग बरामद कर चुकी है.
मामले के मुख्य आरोपी एकता जैन वेयरहाउस मालिक अभी फरार है, जबकि संचालक अर्पित जैन, नफीस खान, कासिम अली, लखन गौर और सीतराम पाल को पुलिस जेल भेज चुकी है.
5 महीने पहले खत्म हो गया था बीमा
पुलिस खंगाल रही रिकॉर्ड
सिलवानी एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती ने बताया कि मामले की जांच चल रही है. मूंग की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज, लेन-देन और परिवहन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं. जांच में जो भी समाने आएगा उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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