MadhyaPradesh: राजनीति में सच बोलना कोई अपराध नहीं बल्कि समय की जरूरत है. धरती हर व्यक्ति की जरूरत पूरी कर सकती है, लेकिन किसी एक के लालच को नहीं. नदियों के उद्गम स्थल पूजनीय होते हैं, वहां सीमेंट के जंगल खड़े करना विकास नहीं बल्कि भविष्य के साथ खिलवाड़ है. यह बात पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने आगर मालवा जिले के निपानिया बैजनाथ में आयोजित पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में कही.
नदी जोड़ो अभियान और उद्गम स्थलों की पूजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नदी जोड़ो और नदियों के पुनर्जीवन की परिकल्पना को जमीन पर उतारने के उद्देश्य से मंत्री प्रहलाद पटेल जिला मुख्यालय से करीब 3 किमी दूर आउ नदी के उद्गम स्थल और लगभग 10 किमी दूर पालखेड़ी के पास टिल्लर नदी के उद्गम स्थल पहुंचे. यहां उन्होंने पूजा-अर्चना कर नदियों के संरक्षण और उत्थान का संदेश दिया.

गांव समृद्ध होंगे तो पलायन रुकेगा
निपानिया बैजनाथ में आयोजित जिला स्तरीय पंचायत पदाधिकारी सम्मेलन में मंत्री पटेल ने जिलेभर से आए सरपंचों और पंचायत पदाधिकारियों को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की परिभाषा बदली है. राज्य सरकार गांवों को समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित है. गांव मजबूत होंगे तो लोगों का शहरों की ओर पलायन रुकेगा और शहरों से गांव लौटने की प्रवृत्ति बढ़ेगी.
शुद्ध ऑक्सीजन के लिए गांवों की ओर लौट रहे लोग
मंत्री ने कहा कि आज शहरों का व्यक्ति शुद्ध ऑक्सीजन की तलाश में गांवों की ओर लौट रहा है. यह बदलाव इस बात का संकेत है कि प्राकृतिक जीवन और पर्यावरण का महत्व बढ़ रहा है. युवाओं को केंद्र में रखकर मंत्री पटेल ने कहा कि 20 साल से कम उम्र के युवाओं का भविष्य लंबा है. इसलिए जरूरी है कि वे स्वस्थ शरीर और सकारात्मक ऊर्जा के साथ देश के निर्माण के बारे में सोचें. युवाओं का मोबाइल में समय और ऊर्जा बर्बाद करना गंभीर चिंता का विषय है, जिसे रोकना होगा.

हर गांव को पक्की सड़क से जोड़ने का दावा
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाएगा. इसके लिए प्रदेश में 20 हजार 600 परिसरों को चिन्हित किया गया है, जहां सड़कों का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पर्यावरण और जल संरक्षण आज केवल प्रदेश या देश नहीं बल्कि पूरे विश्व की चिंता है. अधिक से अधिक पौधरोपण और जल संरक्षण कर आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित भविष्य देना हम सबकी जिम्मेदारी है. नदियों के उद्गम स्थलों पर सीमेंट-कंक्रीट का निर्माण न किया जाए और वहां अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं.
नदियां सांस्कृतिक धरोहर, केवल कंक्रीट विकास नहीं
मंत्री पटेल ने कहा कि नदियां हमारी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहर हैं. इन पर केवल कंक्रीट से जुड़ा विकास नहीं बल्कि इनके पुनर्जीवन और जलभराव की चिंता भी जरूरी है. ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय योजनाओं में भ्रष्टाचार की ओर इशारा करते हुए मंत्री ने उदाहरण दिया कि एक खेत सड़क के लिए चार अलग-अलग मदों से राशि आई, लेकिन सड़क एक फीट भी ऊपर नहीं आई. उन्होंने कहा कि इसकी जांच नहीं कराऊंगा, लेकिन आगे ऐसा नहीं होने दूंगा.

भाषण में CM का नाम नहीं, सियासी चर्चाएं तेज
करीब 34 मिनट के प्रभावी भाषण में मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का नाम कई बार लिया. खास बात यह रही कि पूरे भाषण में मुख्यमंत्री मोहन यादव का नाम एक बार भी नहीं लिया गया. इसे लेकर राजनीतिक खेमों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और भाजपा की अंदरूनी राजनीति में खटपट के कयास लगाए जा रहे हैं.
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