Madhya Pradesh Hindi News: भिंड जिले के रौंन के मछंड चौकी के लारौल गांव में 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के साथ कथित मारपीट, घर में घुसकर तोड़फोड़ और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी डॉ असित यादव ने मछंड चौकी प्रभारी रविन्द्र तोमर को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है. पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एएसपी संजीव पाठक को सौंपी गई है.
छत के रास्ते घर में घुसने और मारपीट का आरोप
अस्पताल में भर्ती बुजुर्ग महिला बिंदश्री ने आरोप लगाया है कि 28 फरवरी को चौकी प्रभारी रविन्द्र तोमर पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे. महिला का कहना है कि थाना प्रभारी छत के रास्ते घर में दाखिल हुए और उनके साथ मारपीट की. इस दौरान घर में तोड़फोड़ भी की गई. महिला का आरोप है कि पुलिस ने घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए, ताकि घटना के साक्ष्य मिटाए जा सकें. साथ ही घर के बाहर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी पुलिस अपने साथ ले गई.
पति और बेटे को झूठे केस में फंसाने का आरोप
बुजुर्ग महिला ने आरोप लगाया है कि उनके पति तहसीलदार और बड़े बेटे अशोक को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया. परिवार का दावा है कि यह कार्रवाई बदले की भावना से की गई, क्योंकि उन्होंने पहले थाना प्रभारी के खिलाफ कोर्ट में प्राइवेट इस्तगासा दायर की थी.
परिजनों के मुताबिक, इस्तगासा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. जब उन्होंने इस्तगासा वापस लेने से इनकार किया, तो उनके खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की गई.
छोटे बेटे की मौत के बाद बढ़ा विवाद
परिवार का कहना है कि विवाद की जड़ पुराने घटनाक्रम से जुड़ी है. कुछ समय पहले महिला के छोटे बेटे पवन की मौत रेत से खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली का पीछा करते समय वाहन के अनियंत्रित होकर पलट जाने से हो गई थी. परिजनों ने उस घटना के लिए पुलिस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया था और थाना प्रभारी के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था. परिजनों का आरोप है कि इसी प्रदर्शन के बाद से थाना प्रभारी रंजिश मानने लगे और परिवार को प्रताड़ित किया जाने लगा.
रेत के अवैध भंडारण और चोरी के मामले का जिक्र
दूसरी ओर, चौकी प्रभारी रविन्द्र तोमर ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली चोरी के मामले में 15 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था. आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस वाहन के आगे ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर शासकीय कार्य में बाधा डाली गई थी. इसी आधार पर महिला के पति और बड़े बेटे के खिलाफ कार्रवाई की गई.
पुलिस का यह भी कहना है आरोपियों के परिवार में गोपाल सिंह राजावत की दो बीघा जमीन पर रेत का अवैध भंडारण मिला था, जिस पर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की रेत जब्त की थी. सीसीटीवी कैमरे तोड़े जाने के आरोप पर पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों की शिकायत पर कैमरे जब्त किए गए थे, तोड़े नहीं गए. बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट के आरोपों को भी पुलिस ने निराधार बताया है.
डीआईजी को सौंपा गया था ज्ञापन
हालांकि, इस मामले में जमकर राजनीति हुई, बुजुर्ग महिला को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस के शहर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र भदौरिया ने अपने कार्यकर्ताओं को साथ लेकर डीआईजी को ज्ञापन सौंपा था. मामले के सार्वजनिक होने और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी डॉ असित यादव ने तत्काल प्रभाव से चौकी प्रभारी रविन्द्र तोमर को लाइन अटैच कर जांच के आदेश दिए.
एएसपी संजीव पाठक इस मामले की निष्पक्ष जांच करेंगे. जांच रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मारपीट और दबाव बनाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है. फिलहाल प्रशासन ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है और कहा है कि दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
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