Conversion in Rajnandgaon: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में धर्मांतरण मामले में पुलिस गहनता से जांच कर रही है. इसके साथ ही ट्रेनिंग मॉड्यूल को लेकर लोगों से पूछताछ की जा रही है, जहां से पुलिस पढ़ाए गए विषय और मिली फंडिंग के बारे में जानकारी जुटा रही है. बता दें कि लालबाग थाना क्षेत्र स्थित धर्मापुर गांव में आश्रम चर्च की बिल्डिंग में धर्मांतरण कराने का आरोप है, जहां कई नाबालिग भी मिले. इस चर्च आश्रम का संचालन डेविड चाको कर रहा है, जिसकी गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है.

एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि चर्च आश्रम से जुड़े एक नेटवर्क की भी जांच की जा रही है, जिसमें संगठन के कई लोग शामिल हैं. डेविड चाको के पास से कई डिजिटल साक्ष्य भी बरामद हुए हैं.
क्या है पूरा मामला
सुकुलदौहन चौकी पुलिस को 8 जनवरी को एक लिखी शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कहा गया था कि धर्मापुर गांव डेविड चाको आश्रम चर्च का संचालन कर रहा है. वहां नाबालिग बच्चों को रखा गया था और धर्मांतरण की गतिविधियां चालू थीं. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बच्चों को बरामद किया. मामले में महिला बाल विकास की टीम भी जांच कर रही है.

पुलिस ने चर्च आश्रम से कई दस्तावेज अभिलेख रजिस्टर और सामग्री जब्त की. एक नेटवर्क का भी संचालन किया जा रहा था. इस दौरान पुलिस ने लैपटॉप, आईपैड और मोबाइल जब्त किए, जहां से संदिग्ध डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. इसके साथ ही सोलर आधारित प्रोजेक्टर जब्त किया, जिसकी कीमत हजारों डॉलर है. पुलिस वित्तीय लेन-देन (फंडिंग) के बारे में भी पता कर रही है, जो संदिग्ध है.

प्रलोभन दिखाकर धर्मांतरण
एसपी अंकिता शर्मा ने कहा कि धर्मापुर मामले में एक व्यक्ति जिनका नाम डेविड चाको है, जो कथित धर्मांतरण का प्रयास कर रहा था. इस संबंध में काफी सूचना प्राप्त हुई हैं. इसमें बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिनके नाम और नंबर हमारे पास हैं. डिजिटल साक्ष्य में काफी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिससे यह साबित होता है कि चर्च आश्रम में प्रलोभन या भय दिखाकर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था.
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