PM Kisan Scheme: रायगढ़ जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जमीनी तस्वीर सरकारी दावों से अलग नजर आ रही है. एक ओर जहां हजारों किसानों को योजना का लाभ मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर तीन हजार से अधिक किसान अब भी इस सहायता राशि से वंचित हैं. इसकी वजह है- आधार अपडेट, ई-केवाईसी की दिक्कतें और तकनीकी खामियां.
कृषि विभाग के अनुसार, जिले में 91 हजार से ज्यादा किसान इस योजना में पंजीकृत हैं. इनमें से अधिकांश किसानों ने ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन इसके बावजूद सभी किसानों को भुगतान नहीं हो सका. जांच में सामने आया है कि करीब 88 हजार से अधिक किसान ऐसे हैं, जिनके दस्तावेज पूरी तरह सही पाए गए और इन्हें अब तक 20 करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है.
ऑनलाइन डाटाबेस में गड़बड़ी
वहीं, लगभग 3,085 किसानों के मामले अब भी अटके हुए हैं. इनमें कहीं आधार सत्यापन लंबित है तो कहीं बायोमेट्रिक मिलान फेल हो गया है. कई मामलों में विभागीय रिकॉर्ड और ऑनलाइन डाटाबेस में गड़बड़ी भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है. इसके अलावा दस्तावेजों की कमी के चलते पहले अपात्र ठहराए गए कुछ किसानों ने अब आवश्यक कागजात जमा कराए हैं, जिनकी दोबारा जांच की जा रही है.
बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा
योजना के क्रियान्वयन में सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्ग किसानों को हो रही है. उम्र बढ़ने के साथ अंगूठे के निशान साफ न रहने से बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा है, जिससे ई-केवाईसी अधूरी रह जाती है. हालांकि, कृषि विभाग द्वारा ग्रामीण इलाकों में शिविर लगाए गए हैं, फिर भी कई किसान तकनीकी प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके हैं.
योजना से जोड़ा जाएगा
ब्लॉक स्तर पर स्थिति अलग-अलग है. कुछ ब्लॉकों में अधिकांश किसान पात्र पाए गए हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवेदन अब भी लंबित हैं. विभाग का दावा है कि शेष किसानों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें जल्द योजना से जोड़ा जाएगा.
गड़बड़ी जल्द दूर करेंगे
अनिल वर्मा, उपसंचालक कृषि ने बताया कि जिले में पंजीकृत किसानों में से अधिकांश पात्र किसानों का सत्यापन पूरा हो चुका है. कुछ मामलों में आधार अपडेट और तकनीकी गड़बड़ी के कारण भुगतान रुका है, जिन्हें जल्द दूर किया जाएगा.
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