Well Collapse Panna: मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में कुएं की खुदाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया. अजयगढ़ जनपद के ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा में मंगलवार सुबह अचानक मिट्टी धंसने से पांच मजदूर मलबे में दब गए, जिनमें से 2 के शव मिले हैं, जबकि तीन मजदूरों की तलाश जारी है. करीब 10 दिनों से जारी खुदाई का कार्य अचानक हादसे में बदल गया. घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है और प्रशासन रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटा हुआ है. इस हादसे ने सुरक्षा मानकों और तकनीकी लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. पन्ना से NDTV के लिए विवेक सोनी की रिपोर्ट.
कुएं की खुदाई के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, बिन्नू अहिरवार के खेत में पिछले करीब 10 दिनों से सात मजदूरों द्वारा कुएं की खुदाई का काम चल रहा था. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अचानक ऊपर की मिट्टी भरभराकर धंस गई. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आ गए थे, जबकि पांच मजदूर कुएं के अंदर काम कर रहे थे और अचानक हुए जमीन धंसने से सभी मलबे में दब गए.
एक मजदूर की मौत, चार की तलाश
हादसे में दबे मजदूरों में चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल के नाम सामने आए हैं. रेस्क्यू टीम ने अब तक राजकुमार यादव और चुनवाद पाल का शव बाहर निकाल लिया है. वहीं, बाकी मजदूरों की तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. मौके पर पुलिस, राजस्व विभाग और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटी हुई है.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, प्रशासन मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंच गया और बचाव कार्य शुरू किया गया. स्थानीय लोग भी रेस्क्यू में मदद कर रहे हैं. हालांकि ढही हुई मिट्टी के कारण बचाव कार्य में कठिनाई आ रही है, लेकिन टीम लगातार मलबा हटाकर मजदूरों को निकालने की कोशिश कर रही है.
भुसभुसी मिट्टी बनी हादसे की वजह
स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर कुआं खोदा जा रहा था, वहां की मिट्टी काफी कमजोर और भुसभुसी थी. ऐसे क्षेत्र में बिना तकनीकी जांच के गहरी खुदाई करना जोखिम भरा माना जाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की मिट्टी में खुदाई के दौरान पहले सुरक्षा उपाय जरूरी होते हैं, अन्यथा हादसे की आशंका बनी रहती है.
सुरक्षा और तकनीकी जांच पर उठे सवाल
इस हादसे के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं जैसे, क्या कुएं की खुदाई के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी? क्या मिट्टी की जांच और तकनीकी निरीक्षण कराया गया था? क्या मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किए गए थे? इन सवालों के जवाब अब प्रशासनिक जांच के बाद ही सामने आएंगे.
लापरवाही या दुर्घटना? जांच का इंतजार
एक मजदूर की मौत और चार मजदूरों की जिंदगी खतरे में होने के बीच यह मामला सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि संभावित लापरवाही का भी संकेत देता है. अब पूरे मामले में प्रशासन की जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई को लेकर नजरें टिकी हुई हैं. वहीं गांव में इस घटना के बाद शोक और डर का माहौल बना हुआ है.
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