दतिया विधानसभा उपचुनाव के बीच मध्य प्रदेश की राजनीति में पूर्व गृहमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा का एक बयान चर्चा का विषय बन गया है. टिकट कटने के बाद सार्वजनिक मंच से बोलते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं को भावनाओं में बहने से बचने की सलाह दी और कहा कि गुस्सा गलत दिशा में निकालने से नुकसान होगा.
इस दौरान उन्होंने कहा कि "आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं." उनके इस बयान को दतिया उपचुनाव और भाजपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
चुनावी सभा में भावुक दिखे नरोत्तम मिश्रा
दतिया में आयोजित एक चुनावी सभा के दौरान नरोत्तम मिश्रा कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के बाद जब उन्होंने कार्यकर्ताओं की भावनाएं देखीं तो वह खुद भी भावुक हो गए थे. उन्होंने कहा कि मंच पर मौजूद समर्थकों की हालत देखकर उनकी आंखों में आंसू तक आ गए थे. मिश्रा ने कहा कि कार्यकर्ताओं का प्रेम और समर्थन उनके लिए किसी भी पद से बड़ा है और यही रिश्ता उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
कार्यकर्ताओं को दिया महत्वपूर्ण संदेश
अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कार्यकर्ताओं से नाराजगी और गुस्से को सही दिशा में इस्तेमाल करने की अपील की. उन्होंने कहा कि कुछ लोग भाजपा से बदला लेने जैसी बातें कर रहे थे, जबकि राजनीतिक लड़ाई विपक्ष से है. उन्होंने कहा कि अगर कार्यकर्ता अपना ध्यान मुख्य मुकाबले से हटाकर गलत दिशा में लगा देंगे तो राजनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो पाएगा.
'आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं'... नरोत्तम मिश्रा का VIDEO वायरल#madhyapradesh #narottammishra pic.twitter.com/tLqMTUq3LH
— NDTV MP Chhattisgarh (@NDTVMPCG) July 16, 2026
'टिकट काटने वाले कोई और हैं'
सभा के दौरान नरोत्तम मिश्रा का सबसे चर्चित बयान तब आया, जब उन्होंने कहा कि "आशुतोष की क्षमता है टिकट काटने की? टिकट काटने वाले कोई और हैं." उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोगों पर आरोप लगाना उचित नहीं है, क्योंकि अंतिम निर्णय कहीं और से लिया जाता है. उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
कार्यकर्ताओं के प्रेम का किया जिक्र
नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दतिया की जनता और कार्यकर्ताओं ने जिस तरह उनका साथ दिया है, वह उनके जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक है. उन्होंने कहा कि विधायक तो प्रदेश में कई हैं, लेकिन जिस तरह का अपनापन और समर्थन उन्हें दतिया से मिला है, वह विशेष है. उन्होंने समर्थकों से कहा कि वे राजनीतिक परिस्थितियों से निराश न हों और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाएं.
दतिया उपचुनाव कार्यक्रम
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए 6 जुलाई को अधिसूचना जारी की गई. उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने के लिए 13 जुलाई तक का समय दिया. नाम वापसी की अंतिम तिथि 16 जुलाई निर्धारित की गई है. दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे.
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