- यूरोप में अत्यधिक गर्मी और सूखे के कारण हरे-भरे खेत, नदियां और जंगल सूख कर भूरी धरती बन चुके हैं
- यूके के स्टोनहेंज और वेस्ट मैदान सहित कई ऐतिहासिक और प्राकृतिक स्थल सूखे और गर्मी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं
- स्विट्जरलैंड की लेक ब्रेनेट और जर्मनी की राइन नदी में पानी का स्तर गिरने से पर्यटन प्रभावित हो रहा है
रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, आसमान से बरसती आग और बारिश का नामोनिशान नहीं...यूरोप का कुदरती रूप पूरी तरह बदल चुका है. कभी अपनी हरियाली, ठंडी हवाओं और लबालब भरी नदियों के लिए दुनिया भर में मशहूर यह महाद्वीप अब तक की सबसे भयानक गर्मी का सामना कर रहा है. हरे-भरे खेत और कलकल बहती नदियां अब सूखी भूरी धरती में तब्दील हो गई हैं. जंगलों में लगती आग और रिकॉर्ड तापमान ने पूरे यूरोप को बेहाल कर दिया है.
यूरोप की नदियां तेजी से सूख रही हैं, जिससे आम जीवन से लेकर अर्थव्यवस्था तक पर भयानक असर पड़ रहा है. इस भीषण गर्मी और सूखे का असर यूरोप के उन मशहूर स्थलों और दिलकश नजारों पर सबसे ज्यादा दिख रहा है, जिन्हें देखने के लिए दुनिया भर से लाखों पर्यटक आते थे.
यूरोप के उन 6 सबसे मशहूर स्थलों का हाल, जहां की तस्वीरें अब परेशान कर रहीं हैं.
यूके का ऐतिहासिक स्टोनहेंज
पहले- इतिहास और रहस्य से भरा स्टोनहेंज का पूरा इलाका चारों तरफ से मखमली हरी घास और प्राकृतिक खूबसूरती से घिरा रहता था. यहां आने वाले पर्यटकों को ऐतिहासिक पत्थरों के साथ-साथ आँखों को ठंडक देने वाली हरियाली देखने को मिलती थी.
अब- भयंकर लू और बारिश की कमी के कारण अब यह पूरा इलाका सूखा और भूरा दिखाई दे रहा है. चारों तरफ फैली हरी-भरी घास जलकर राख हो चुकी है और अब यहां सिर्फ बंजर मिट्टी नजर आती है.

स्विट्जरलैंड की लेक ब्रेनेट
पहले- स्विट्जरलैंड की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाली लेक ब्रेनेट हमेशा साफ और नीले पानी से लबालब भरी रहती थी. इस झील के आसपास की पारिस्थितिकी बेहद हरी-भरी और खूबसूरत नजारों से भरपूर थी.
अब- लगातार बढ़ते तापमान और सूखे के चलते अब यह झील धीरे-धीरे सूखती जा रही है. झील का पानी गायब हो चुका है, जिससे आसपास का हरा-भरा माहौल पूरी तरह वीरान और बेजान लगने लगा है.

यूके का वेस्ट का मैदान
पहले- यूके का वेस्ट का मैदान दूर-दूर तक फैली अपनी हरियाली और खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यों के लिए जाना जाता था. यह मैदान पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए प्रकृति की गोद में सुकून महसूस करने की सबसे बेहतरीन जगह थी.
अब- भीषण गर्मी के थपेड़ों ने इस मैदान की पूरी रंगत ही बदल दी है और अब यहां शायद ही कहीं हरियाली देखने को मिले. हरा भरा दिखने वाला यह मैदान अब सिर्फ सूखी मिट्टी और भूरे मैदान में बदल गया है.

जर्मनी का कोलोन शहर और राइन नदी
पहले- जर्मनी का कोलोन शहर अपनी ऐतिहासिक इमारतों और राइन नदी के मनमोहक किनारों के लिए सैलानियों का मन मोह लेता था. राइन नदी में पानी का बहाव ऐसा था कि व्यापारिक जहाजों और टूरिस्ट बोट्स की हमेशा चहल-पहल रहती थी.
अब- राइन नदी में पानी का स्तर ऐतिहासिक रूप से कम होने के कारण अब कोलोन शहर की वह रौनक गायब हो चुकी है. नदी के सूखने से जहां जहाजों की आवाजाही ठप पड़ रही है, वहीं इसके नजारे भी अब पहले जैसे सुंदर नहीं रहे.

इंग्लैंड का सेर्न अब्बास जायंट
पहले- इंग्लैंड की पहाड़ियों के बीच बनी सेर्न अब्बास जायंट की मशहूर आकृति हरी-भरी घास के बीच बेहद अलग और आकर्षक दिखाई देती थी. पहाड़ियों की हरियाली इस ऐतिहासिक आकृति की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देती थी.
अब- लू के थपेड़ों और भीषण गर्मी का असर इस ऐतिहासिक स्थल पर भी साफ दिख रहा है. पहाड़ियों से हरियाली गायब हो चुकी है और सूखा पड़ने की वजह से यह आकृति अब भूरी और झुलसी हुई ज़मीन के बीच छिपी नजर आती है.

हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट
पहले- हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट अपनी खूबसूरत झीलों, डेन्यूब नदी और शानदार मौसम के लिए पर्यटकों की पहली पसंद हुआ करती थी. यहां की नदियां और झीलें हमेशा पानी से लबालब रहती थीं, जिससे शहर का माहौल बेहद खुशनुमा रहता था.

अब- बुडापेस्ट भी अब भयंकर सूखे की चपेट में आ चुका है और यहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है. शहर की झीलें और नदियां धीरे-धीरे सूख रही हैं, जिससे खूबसूरत बुडापेस्ट में अब सूखे का मंजर साफ नजर आने लगा है.
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