- दतिया उपचुनाव में भाजपा ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिससे विवाद हुआ.
- नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने नेशनल हाईवे 44 पर 11 घंटे तक जाम लगाकर यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया.
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रदर्शनकारियों में टकराव हुआ, जिसमें 8 पुलिसवाले घायल हुए और वाहनों को नुकसान पहुंचा.
दतिया उपचुनाव में भाजपा की टिकट घोषणा के बाद शुरू हुआ राजनीतिक तूफान अब बड़े आंदोलन का रूप ले चुका है. पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने से नाराज उनके समर्थकों ने ऐसा विरोध प्रदर्शन किया, जिसका असर सिर्फ दतिया तक सीमित नहीं रहा.
नेशनल हाईवे-44 पर करीब 11 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही, चार जिलों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई, पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ और कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए. बढ़ते विवाद के बीच अब खुद नरोत्तम मिश्रा सामने आए हैं और उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने तथा पार्टी के फैसले का सम्मान करने की अपील की है.
टिकट कटने के बाद भड़का विरोध
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया. उम्मीदवार के नाम की घोषणा होते ही नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में नाराजगी फैल गई. विरोध प्रदर्शन शुरू हुए और देखते ही देखते बड़ी संख्या में समर्थक सड़कों पर उतर आए. कई जगहों पर प्रदर्शन हुए और बाजार भी प्रभावित हुए.
नेशनल हाईवे पर 11 घंटे तक जाम
विरोध का सबसे बड़ा असर नेशनल हाईवे-44 पर देखने को मिला. नाराज कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने हाईवे पर चक्का जाम कर दिया, जिससे लगभग 11 घंटे तक यातायात बाधित रहा. जाम के कारण 20 से 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस दौरान कई बसें, निजी वाहन और एंबुलेंस भी फंस गए. दतिया के साथ-साथ झांसी, ग्वालियर और शिवपुरी जिलों में भी इसका असर महसूस किया.

विरोध प्रदर्शन के बाद बाजार हुए बंद.
प्रशासन की समझाइश भी बेअसर रही
जिला प्रशासन ने पूरी रात प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया. अधिकारियों ने उनसे शांतिपूर्वक प्रदर्शन समाप्त करने और सड़क खाली करने की अपील की, लेकिन बातचीत से समाधान नहीं निकल सका. प्रशासन लगातार स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश करता रहा, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
पत्थरबाजी के बाद बढ़ा तनाव
स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबर सामने आई. प्रशासन के अनुसार, देर रात कुछ प्रदर्शनकारियों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी. हालात बेकाबू होते देख पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इसके बाद मौके पर तनाव और बढ़ गया तथा कई वाहनों को भी नुकसान पहुंचा.
आठ पुलिसकर्मी हुए घायल
हंगामे के दौरान पुलिस अधिकारियों और जवानों को भी चोटें आईं. जानकारी के अनुसार, एसडीओपी, एसपी और एडिशनल एसपी समेत आठ पुलिसकर्मी घायल हुए. जिला प्रशासन के अधिकारियों को भी चोट लगी. कई पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है.
पुलिस के अनुसार, विरोध प्रदर्शन में तीन हजार से अधिक लोग शामिल थे. प्रदर्शनकारियों ने हाईवे जाम करने के साथ-साथ बाजार बंद कराने की भी कोशिश की. प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए और यातायात को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया गया.

पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को किया गिरफ्तार.
नरोत्तम मिश्रा ने की शांति की अपील
विरोध के बीच पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से संयम बरतने की अपील की. उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और किसी भी कार्यकर्ता को ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे संगठन की छवि को नुकसान पहुंचे. उन्होंने विशेष रूप से पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालकर विरोध जैसी घटनाओं से दूर रहने की सलाह दी.
30 जुलाई को होगा मतदान
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई थी. अब इस सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी. ऐसे में उपचुनाव से पहले भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन के भीतर पैदा हुई नाराजगी को शांत कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है.
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