- दतिया में पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने नरोत्तम मिश्रा को आतंकवादी बताया और उन्हें हराने का दावा किया.
- राजेंद्र भारती ने उपचुनाव को न केवल कांग्रेस-भाजपा के बीच बल्कि नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री की लड़ाई बताया.
- उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दतिया में अपनी स्थिति मजबूत की है और 2023 के चुनाव में इसका परिणाम मिला था.
एमपी के दतिया उपचुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है. इसी क्रम में कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती ने पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर विवादित टिप्पणी कर सियासी माहौल गरमा दिया है. राजेंद्र भारती ने दावा किया कि उन्होंने 2023 के चुनाव में नरोत्तम मिश्रा जैसे आतंकवादी को हराया था और उनके खिलाफ फिर चुनाव लड़ने को तैयार हैं. उन्होंने दतिया उपचुनाव को सिर्फ कांग्रेस और भाजपा के बीच नहीं, बल्कि नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री के बीच की राजनीतिक लड़ाई भी बताया.
नरोत्तम मिश्रा पर की तीखी टिप्पणी
दतिया में मीडिया से बातचीत के दौरान राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को लेकर विवादास्पद बयान दिया. उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में उन्होंने नरोत्तम मिश्रा जैसे आतंकवादी को चुनाव हराया था. भारती ने अपने बयान के पक्ष में यह तर्क भी दिया कि नरोत्तम मिश्रा ने पहले एक सार्वजनिक सभा में खुद को दतिया का सबसे बड़ा गुंडा बताया था. इसी संदर्भ में उन्होंने यह टिप्पणी की.
उपचुनाव को बताया बड़ी राजनीतिक लड़ाई
राजेंद्र भारती ने कहा कि दतिया का यह उपचुनाव सामान्य चुनाव नहीं है. उनके अनुसार यह मुकाबला नरोत्तम मिश्रा और मुख्यमंत्री के राजनीतिक प्रभाव से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और मतदाता इस बार अपने मुद्दों के आधार पर फैसला करेंगे.
कांग्रेस की ताकत बढ़ने का किया दावा
पूर्व विधायक ने कहा कि एक समय ऐसा था जब कांग्रेस दतिया में तीसरे स्थान पर रहती थी, लेकिन कार्यकर्ताओं की मेहनत और लगातार जनसंपर्क के कारण पार्टी की स्थिति मजबूत हुई. उन्होंने दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका सकारात्मक परिणाम भी मिला था.
राजेंद्र भारती ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक जमीन और माहौल को तैयार करने में उन्होंने वर्षों मेहनत की, उसी का लाभ आज अन्य नेता उठा रहे हैं. साथ ही उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि घनश्याम सिंह इतने मजबूत नेता थे तो पहले के चुनावों में उन्हें हार का सामना क्यों करना पड़ा.
भाजपा के अंदर की लड़ाई का लगाया आरोप
भारती ने दावा किया कि दतिया में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच से ज्यादा भाजपा के भीतर की राजनीति का परिणाम है. उनके मुताबिक कई स्थानीय राजनीतिक समीकरण इस चुनाव को दिलचस्प बना रहे हैं और इसका असर मतदान पर भी दिखाई देगा.
पूर्व विधायक ने बताया कि उपचुनाव के दौरान उनके परिवार को भी टिकट का प्रस्ताव मिला था. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर चर्चा हुई थी, लेकिन उन्होंने खुद चुनाव लड़ने के बजाय जनता के बीच सक्रिय रहने का फैसला किया. उनका कहना था कि वह लंबे समय से क्षेत्र की जनता के संपर्क में हैं और आगे भी रहेंगे.
2028 में चुनाव लड़ने का किया ऐलान
राजेंद्र भारती ने भविष्य की राजनीति को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि पहले उनका विचार 2028 में नए साथियों के लिए जगह छोड़ने का था, लेकिन जिस तरह उन्हें अयोग्य घोषित किया, उसके बाद उन्होंने दोबारा चुनावी मैदान में उतरने का मन बना लिया है. उन्होंने कहा कि 2028 में जहां से भी नरोत्तम मिश्रा चुनाव लड़ेंगे, वहां से चुनाव लड़ने के लिए वह तैयार हैं.
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