मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार इस समय उम्मीद से धीमी बनी हुई है. अगस्त का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश का कोटा पूरा नहीं हो पाया है. हालात यह हैं कि प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है और 55 में से 42 जिले अभी भी औसत वर्षा से पीछे चल रहे हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक प्रदेश में कहीं भी भारी बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि 4 अगस्त से मौसम का नया सिस्टम सक्रिय होने के बाद कई इलाकों में फिर से बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं.
प्रदेश में कोटे से कम हुई बारिश
मौसम के आंकड़ों पर नजर डालें तो मध्य प्रदेश में अब तक औसतन 15.8 इंच (401.9 मिमी) बारिश दर्ज हुई है, जबकि इस अवधि तक 18.5 इंच (470.5 मिमी) वर्षा होनी चाहिए थी. यानी प्रदेश में करीब 2.7 इंच कम बारिश हुई है. बारिश का यह अंतर लगभग 15 प्रतिशत तक पहुंच गया, जिससे कई जिलों में किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई.
42 जिले अभी भी सामान्य वर्षा से पीछे
प्रदेश के 55 जिलों में से केवल 13 जिलों में औसत से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है. वहीं 42 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है. इन जिलों में भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, नर्मदापुरम, रायसेन, रतलाम, मंदसौर, गुना, दतिया, सागर, रीवा, सतना, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बालाघाट, पन्ना, सीधी, सिंगरौली, शिवपुरी और विदिशा समेत कई जिले शामिल हैं.
सिर्फ 13 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
दूसरी ओर कुछ जिलों में मानसून मेहरबान रहा है. मऊगंज, उमरिया, शहडोल, टीकमगढ़, खंडवा, बड़वानी, खरगोन, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, राजगढ़ और सीहोर में औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है. इन क्षेत्रों में जलस्तर और जलाशयों की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है.
अगले दो दिन भारी बारिश के आसार नहीं
मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल प्रदेश में कोई मजबूत सिस्टम सक्रिय नहीं है. यही वजह है कि अगले दो दिनों तक कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है. कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर चल सकता है, लेकिन व्यापक और तेज बारिश की संभावना फिलहाल कम है.
4 अगस्त से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 4 अगस्त से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है. इसके असर से प्रदेश के पूर्वी और उत्तरी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. कुछ जिलों में एक बार फिर अच्छी वर्षा होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे बारिश के मौजूदा घाटे में कुछ कमी आ सकती है.
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