राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश में बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिला. क्रॉस वोटिंग के डर से कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु भेज रही थी. 9 जून की दोपहर करीब 12 बजे से पार्टी के विधायक अपने परिवार के साथ भोपाल एयरपोर्ट पर पहुंचा शुरू हो गए. जहां प्लेन को डिटेन करने का आरोप लगाया गया. यह सब सियासी हलचल चल रही है कि रही कि उधर, भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन पर एफआईआर छिपाने का आरोप लगा दिया. शाम होते-होते चुनाव आयोग ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद कर दिया. इससे सियासत और गरमा गई. कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया तो प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. सीएम यादव ने आयोग के फैसले का स्वागत कर उसे सही बताया. लेकिन, इस सब के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि कांग्रेस के पास अब क्या विकल्प बचा है. भाजपा ने जैसा कहा था कि वह राज्यसभा की तीनों सीटें जीतेगी, क्या यही होने वाला है.
चुनाव आयोग से मिलेंगे कांग्रेस नेता
चुनाव आयोग के साथ मिलकर मोदी लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं. इसी साजिश के तहत आज मध्य प्रदेश से राज्य सभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया गया.
— MP Congress (@INCMP) June 9, 2026
: राष्ट्रीय महासचिव श्री @SachinPilot जी.
📍चुनाव आयोग, दिल्ली pic.twitter.com/xIvyxPZEp0
तो जीत जाएंगे भाजपा के तीनों विधायक
राज्यसभा चुनाव में भाजपा लगातार तीनों सीटें जीतने का दावा कर रही थी, जबकि इसके लिए उसे कांग्रेस के 10 विधायकों के वोट की जरूरत थी. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. सीएम मोहन यादव हों या कैलाश विजवर्गीय कई नेता जीत का दावा कर रहे थे. सीएम यादव ने तो यहां तक कह दिया था कि तीसरी सीट आएगी नहीं तो जाएंगी कहां. अब अगर, चुनाव आयोग कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को राहत नहीं देता है तो भाजपा के तीनों प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, तरुण चुघ और महेश केवट निर्विरोध निर्वाचित हो जाएंगे. यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा, जबकि भाजपा की राज्यसभा में स्थित और मजबूत होगी.
चुनाव आयोग ने कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन बिना किसी कारण रद्द कर दिया।
— Congress (@INCIndia) June 9, 2026
ये लोकतंत्र पर सीधा हमला है, बाबा साहेब के संविधान पर प्रहार है।
आज इसके विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस इंचार्ज @Barmer_Harish जी, प्रदेश अध्यक्ष @jitupatwari जी और CLP… pic.twitter.com/26GjJLNBek
कांग्रेस करेगी उपवास प्रदर्शन, निर्वाचन आयोग के बाहर धरना
कांग्रेस के उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर भोपाल से दिल्ली तक संग्राम, EC दफ्तर के बाहर धरने पर बैठे कांग्रेस नेता
अब जानिए 9 जून के सियासी घटनाक्रम?
- 8 जून की रात कांग्रेस के बड़े नेताओं की बैठक के बाद विधायक को बेंगलुरु भेजने की रणनीति बनी.
- 9 जून को कांग्रेस विधायक परिवार के साथ बेंगलुरु जाने की तैयारी में लगे थे, राजा भोज एयरपोर्ट पर दोपहर से ही इसके लिए हलचल शुरू हो गई.
- एयरपोर्ट पर विमान तैयार था, लेकिन अनुमति में देरी के कारण करीब 3 घंटे तक इंतजार करना पड़ा.
- इस बीच भाजपा ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पर आपत्ति जता दी. आरोप लगाया कि केस दर्ज होने के बात छिपाई गई है. विधानसभा परिसर में कई बार दोनों गुट आमने-सामने आ गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया.
- शाम 6:30 बजे रिटर्निंग ऑफिसर ने नामांकन रद्द करने की घोषणा कर दी, इससे सियसी पारा और चढ़ गया.
- एयरपोर्ट पर विमान उड़ने को तैयार था, इसी बीच खबर पहुंची कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है. इसके बाद विधायकों का बेंगलुरु जाना कैंसिल हो गया.
- कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर देर रात तक धरना दिया. मुलाकात का समय मिलने पर प्रदर्शन खत्म किया.
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