मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का दिन किसी राजनीतिक थ्रिलर से कम नहीं रहा. सुबह जहां कांग्रेस अपने विधायकों को बेंगलुरु भेजकर सियासी गणित बचाने में जुटी थी, वहीं शाम तक पूरा खेल ही बदल गया. कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होते ही पार्टी की रणनीति धराशायी हो गई. जिस विमान में विधायक सवार होकर उड़ान भर चुके थे, उसे हवा में ही वापस आना पड़ा. इतना ही नहीं विधानसभा में कांग्रेस और बीजेपी विधायकों के बीच धक्का-मुक्की की भी खबरें आई.
नामांकन रद्द से कांग्रेस की रणनीति पर असर
रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी की आपत्ति पर सुनवाई के बाद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया. बीजेपी का आरोप था कि उन्होंने हैदराबाद की अदालत में लंबित एक मामले की जानकारी अपने नामांकन पत्र में नहीं दी. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शाम को यह फैसला आया, जिसने पूरे राजनीतिक माहौल को बदल दिया.
विधायकों को भेजने की योजना अचानक बदली
कांग्रेस को शुरू से ही क्रॉस वोटिंग का डर था, इसलिए पार्टी ने अपने विधायकों को कर्नाटक भेजने का फैसला किया था. इसके तहत सुबह से ही विधायक भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पहुंचने लगे थे. विमान भी तैयार था, लेकिन अनुमति में देरी के कारण डेढ़ से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ा. जैसे ही उड़ान की तैयारी हुई, उसी दौरान नामांकन रद्द होने की खबर आ गई, जिसके बाद विमान को हवा में ही वापस बुला लिया.
एयरपोर्ट से विधानसभा तक हाई वोल्टेज ड्रामा
उधर, जैसे ही बीजेपी ने नामांकन पर आपत्ति उठाई, विधानसभा परिसर में हलचल बढ़ गई. बीजेपी के वरिष्ठ नेता वहां पहुंचे और तकनीकी आधार पर सवाल खड़े किए. इसकी सूचना मिलते ही कांग्रेस के नेता भी मौके पर पहुंच गए. कई बार दोनों पक्ष आमने-सामने आए और माहौल तनावपूर्ण हो गया. पूरे दिन विधानसभा में राजनीतिक पारा ऊंचा बना रहा.
शाम तक बढ़ा सस्पेंस, फैसला आते ही हंगामा
रिटर्निंग ऑफिसर ने शाम 6:30 बजे तक फैसला देने की बात कही थी. इस दौरान कांग्रेस और बीजेपी के दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में लगातार चर्चाएं चलती रहीं. जैसे ही नामांकन रद्द होने की घोषणा हुई, कांग्रेस नेताओं ने इसे साजिश बताते हुए विरोध शुरू कर दिया और विधानसभा से बाहर निकल गए.
कांग्रेस का हमला- ‘बीजेपी डकैत'
फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी पर तीखा हमला बोला. पार्टी ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताते हुए बीजेपी को “डकैत” तक करार दिया. साथ ही कांग्रेस ने साफ कर दिया कि वह इस फैसले को अदालत में चुनौती देगी और कानूनी लड़ाई लड़ेगी.
बीजेपी का पलटवार- ‘लोकतंत्र की जीत'
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीजेपी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि चुनाव अधिकारी ने नियमों के आधार पर सही निर्णय लिया, जिससे लोकतंत्र की गरिमा बनी रही. बीजेपी ने इसे नियमों की जीत और कांग्रेस के आरोपों को निराधार बताया.
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