मध्य प्रदेश के देवास जिले से कर्ज वसूली के नाम पर कथित गुंडागर्दी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि एक व्यक्ति ने इलाज के लिए 30 हजार रुपये उधार लिए थे और समय के साथ 60 हजार रुपये लौटा भी दिए. इसके बावजूद सूदखोर उससे 1.5 लाख रुपये की मांग करता रहा. हालात ऐसे हो गए कि पीड़ित को अपना शहर छोड़कर दूसरे इलाके में जाकर रहना पड़ा. लेकिन आरोपियों ने वहां भी उसका पीछा नहीं छोड़ा और कथित तौर पर घर में घुसकर पत्नी और 10 साल की बेटी को अगवा करने की कोशिश की.पुलिस ने इस मामले में सूदखोर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है.
पत्नी और बच्चों के इलाज के लिए लिया था उधार
पुलिस के अनुसार पीड़ित ने अपनी पत्नी और बच्चों के इलाज के लिए शाजापुर जिले के रहने वाले हसीब उर्फ रहमान से 30 हजार रुपये उधार लिए थे.
रकम नहीं मिलने पर कथित तौर पर धमकियां भी देने लगा.
घर में घुसकर मारपीट,पत्नी-बेटी को ले जाने की कोशिश
लगातार मिल रही धमकियों के कारण पीड़ित और उसका परिवार शुजालपुर छोड़ने के लिए मजबूर हो गया. परिवार ने सोचा कि दूसरे शहर में जाकर रहने से शायद राहत मिल जाएगी. इसी उम्मीद में वे देवास जिले के कन्नौद क्षेत्र में रहने लगे. लेकिन आरोप है कि सूदखोर और उसके साथी वहां भी पहुंच गए.शिकायत के मुताबिक आरोपी घर में घुस गए और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की. पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी और 10 वर्षीय बेटी को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश भी की गई. घटना के दौरान परिवार में दहशत फैल गई और आसपास के लोगों में भी हड़कंप मच गया. शिकायत मिलने पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की. कन्नौद थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में कर्ज विवाद का मामला सामने आया है. आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि कथित रूप से कितनी रकम की वसूली की गई और परिवार को कब से धमकाया जा रहा था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने इसी तरह अन्य लोगों को भी ऊंचे ब्याज पर पैसा देकर प्रताड़ित किया है.
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