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लाल सागर बंद है फिर सऊदी ने कैसे बढ़ाई तेल की सप्लाई? ईरान की नाक के नीचे खोला रास्ता

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने रविवार को मिडिल ईस्ट की खाड़ी में सात बड़े तेल टैंकरों में करीब 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल भरा. सवाल है कि जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर पर अपना कंट्रोल मजबूत कर लिया है तब सऊदी कैसे तेल बेच रहा है.

लाल सागर बंद है फिर सऊदी ने कैसे बढ़ाई तेल की सप्लाई? ईरान की नाक के नीचे खोला रास्ता
Middle East war: हूती विद्रोहियों के हमले की वजह से सऊदी को ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद करनी पड़ी थी
  • सऊदी अरामको ने खाड़ी के तेल टर्मिनलों से सात बड़े टैंकरों में करीब 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल लोड किया है
  • हूती विद्रोहियों के हमले के बाद सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद होने से लाल सागर के बंदरगाह से लोडिंग रुकी थी
  • सऊदी ने तेल की लोडिंग लाल सागर से हटाकर मिडिल ईस्ट की खाड़ी के पूर्वी बंदरगाहों की ओर बढ़ा दी है

जब मिडिल ईस्ट में जारी संकट से पूरी दुनिया तेल संकट का सामना कर रही है, तब हूती विद्रोहियों का वार झेलते सऊदी अरब से बड़ी खबर सामने आई है. सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको ने रविवार को मिडिल ईस्ट की खाड़ी में सात बड़े तेल टैंकरों में करीब 1.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल भरा. टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम के आंकड़ों के मुताबिक, सऊदी अरब ने खाड़ी के तेल निर्यात टर्मिनलों से तेल की लोडिंग बढ़ाई है. जबकि इससे पहले ईरान के सपोर्ट वाले हूती विद्रोहियों के एक हमले की वजह से लाल सागर तक जाने वाली सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को बड़ा नुकसान पहुंचा था. पाइपलाइन के जरिए तेल भेजने में परेशानी हुई थी.

सवाल है कि जब हूती विद्रोहियों ने लाल सागर पर अपना कंट्रोल मजबूत कर लिया है तब सऊदी को तेल बेचने का कौन सा रास्ता मिल गया है.

सऊदी ने बढ़ाई लोडिंग

यह रिपोर्ट न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने छापी है. इसके अनुसार तेल की यह बढ़ती लोडिंग सऊदी अरब से तेल की सप्लाई में कुछ सुधार के संकेत दे रही है. ज्यादा तेल बाजार में आने की उम्मीद से सोमवार को तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा. इसके चलते ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे चली गई. 9 सितंबर के बाद पहली बार ऐसा हुआ है.

रिपोर्ट के अनुसार टैंकरट्रैकर्स डॉट कॉम ने बताया कि ये सातों तेल जहाज वेरी लार्ज क्रूड कैरियर यानी वीएलसीसी हैं. रॉयटर्स के अनुसार उसने जो सैटेलाइट तस्वीरें देखीं, उनमें रविवार को सऊदी अरब के रास तनुरा बंदरगाह के पास सात तेल टैंकर दिखाई दिए. सात टैंकरों में तेल भरने से संकेत मिलता है कि सऊदी अरब से तेल की सप्लाई बढ़ रही है. जेपी मॉर्गन के विश्लेषकों ने 18 सितंबर की एक रिपोर्ट में कहा कि सैटेलाइट डेटा के मुताबिक, पिछले छह दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य से सऊदी अरब की तेल सप्लाई औसतन 29 लाख बैरल प्रतिदिन रही. अगस्त में यह आंकड़ा सिर्फ 7 लाख बैरल प्रतिदिन था. यह साफ बता रहा है कि तेल सप्लाई बढ़ी है.

लाल सागर से खाड़ी की ओर बदली तेल की लोडिंग- सऊदी ने रास्ता बदल लिया

ड्रोन हमलों के बाद सऊदी अरब ने 13 सितंबर को अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बंद कर दी थी. इसके कारण लाल सागर के किनारे स्थित सऊदी अरब के यानबू तेल बंदरगाह से कच्चे तेल की लोडिंग रुक गई थी. इसके बाद अरामको को यूरोप के कुछ कस्टमर देशों को कच्चे तेल की बिक्री रद्द करनी पड़ी. वहीं, उसने एशिया में तेल की बिक्री बढ़ा दी. यह तेल सऊदी अरब के उन पूर्वी बंदरगाहों से भेजा जा रहा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर हैं.

पिछले एक हफ्ते में सऊदी अरब ने कच्चे तेल की लोडिंग लाल सागर से हटाकर मिडिल ईस्ट की खाड़ी की ओर कर दी है.

तेल की आवाजाही पर नजर रखने वाली एक अन्य कंपनी वोर्टेक्सा के मुताबिक, 12 सितंबर से सऊदी अरब के खाड़ी वाले बंदरगाहों से तेल की लोडिंग औसतन करीब 37 लाख बैरल प्रतिदिन रही है. महीने की शुरुआत में यह करीब 29 लाख बैरल प्रतिदिन थी. वहीं, 1 से 11 सितंबर के बीच लाल सागर वाले सऊदी बंदरगाहों से तेल की लोडिंग औसतन 39 लाख बैरल प्रतिदिन रही थी.

रॉयटर्स ने पिछले हफ्ते सूत्रों के हवाले से बताया था कि सऊदी अरब ने इस महीने और अगले महीने जहाजों में लोड करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के अंदर स्थित रास तनुरा बंदरगाह से करीब 6 करोड़ बैरल कच्चा तेल बेच दिया है. यह तेल ओमान के सोहर बंदरगाह पर एक जहाज से दूसरे जहाज में डालकर भेजा जाएगा.

(इनपुट- रॉयटर्स)

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