मयंक दुबे: मध्य प्रदेश में निवाड़ी जिला अब केवल ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक रोल मॉडल के रूप में उभरा है. जिन सड़कों पर कभी हादसों का डर बना रहता था, आज वहीं सुरक्षित सफर की मिसाल देखने को मिल रही है.
प्रशासन, पुलिस और इंजीनियरिंग सुधारों का संयुक्त प्रयास
निवाड़ी जिला प्रशासन, पुलिस और सड़क इंजीनियरिंग सुधारों के साझा प्रयासों से जिले ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. ओरछा के कंचना घाट पर सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली बच्चों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई, ताकि वे अपने परिवार को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक कर सकें.
ब्लैक स्पॉट पर ठोस कार्रवाई, जान बचाने का असर
निवाड़ी जिले में पहले कुल 8 ब्लैक स्पॉट चिन्हित थे, जहां लगातार सड़क हादसे हो रहे थे. प्रशासन और यातायात पुलिस ने इन स्थानों पर डिवाइडर सुधार, सड़क इंजीनियरिंग में बदलाव और स्पष्ट संकेतक लगाए. इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि 5 ब्लैक स्पॉट पूरी तरह समाप्त हो गए और दुर्घटनाओं की आशंका लगभग खत्म हो गई.
ब्लैक स्पॉट से बाहर आए प्रमुख स्थान
- ओरछा तिगेला: पिछले एक वर्ष में सिर्फ 1 दुर्घटना
- अंगीरा कॉलेज, निवाड़ी: बीते 3 वर्षों में कोई हादसा नहीं
- ज्योरा मोरा: पिछले 1 साल में एक भी दुर्घटना नहीं
- अनाज मंडी, निवाड़ी: पूरी तरह दुर्घटना मुक्त
- ओसियार के सामने, ओरछा: ब्लैक स्पॉट से बाहर
दुर्घटनाओं में 23 प्रतिशत की कमी
इन ठोस प्रयासों का असर यह रहा कि निवाड़ी इस वर्ष मध्यप्रदेश में सबसे कम सड़क दुर्घटना मौतों वाला जिला बनकर सामने आया है. जिले में कुल सड़क हादसों में 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
सड़क सुरक्षा सप्ताह में अधिकारी रहे मौजूद
ओरछा तहसील के कंचना घाट में आयोजित सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम में निवाड़ी कलेक्टर जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक राय सिंह नरवरिया, यातायात प्रभारी नीरज शर्मा, थाना प्रभारी रामबाबू शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
कलेक्टर का बच्चों से संवाद
कलेक्टर जमुना भिड़े ने बच्चों से संवाद करते हुए हेलमेट और सीट बेल्ट की अहमियत समझाई. एक बच्चे ने बताया कि हेलमेट पहनने से सिर सुरक्षित रहता है और मौत की संभावना कम होती है. कलेक्टर ने बच्चे की सराहना करते हुए कहा कि बड़े होने पर भी वाहन चलाते समय हेलमेट और सीट बेल्ट का जरूर उपयोग करें.
सड़क पर चलने की दी अहम सलाह
कलेक्टर ने बच्चों से कहा कि सड़क पर हमेशा साइड में चलें और चारों तरफ नजर रखें. बीच सड़क पर चलने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है. उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने घर के मुखिया को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें.
एसपी का संदेश: सड़क सुरक्षा सतत प्रक्रिया
पुलिस अधीक्षक डॉक्टर राय सिंह नरवरिया ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल अभियान नहीं, बल्कि एक सतत प्रक्रिया है. हेलमेट और सीट बेल्ट से जान बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने तेज रफ्तार वाहनों के दौर में अनुशासन और सावधानी को बेहद जरूरी बताया.
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