मुरैना: मध्य प्रदेश में एक तरफ जहां पुलिस 'नशे से दूरी' अभियान के तहत जनजागरूकता फैलाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुरैना जिले से नशीली दवाओं के काले कारोबार और उससे एक हंसते-खेलते परिवार के तबाह होने की रोंगटे खड़े करने वाली घटना सामने आई है. पोरसा थाना क्षेत्र की गंगाराम वाली गली (गांधी नगर) निवासी 19 वर्षीय सर्वेश राठौर ने नशे की लत, आर्थिक तंगी और मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर 315 बोर के देसी कट्टे से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली.

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300 से 500 रुपये में बिक रहा था 'टरमिन' का जानलेवा डोज
मृतक के परिजनों और वायरल वीडियो के आधार पर जांच में सामने आया कि सर्वेश 'टरमिन' (Termin) नामक इंजेक्शन का गंभीर रूप से आदी हो चुका था. मूल रूप से यह दवा मरीजों में गिरते हुए ब्लड प्रेशर (BP) को नियंत्रित करने के लिए डॉक्टरों की सख्त देखरेख में दी जाती है. हालांकि, पोरसा का 'अग्रवाल मेडिकल स्टोर' इस प्रतिबंधित इंजेक्शन का इस्तेमाल युवाओं को नशे की लत लगाने के लिए कर रहा था.

पोरसा का अग्रवाल मेडिकल स्टोर पुलिस ने किया सील.
वीडियो वायरल होने के बाद जागा ड्रग्स विभाग, सील हुई दुकान
सर्वेश की आत्महत्या और उसका वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन, स्थानीय पुलिस और ड्रग्स विभाग में हड़कंप मच गया. पोरसा पुलिस ने अग्रवाल मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ आपराधिक मामला कर उसे सील कर दिया है. पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है. परिजनों के बयानों और सुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है.
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