मध्य प्रदेश में वन्यजीवों का संरक्षण हो रहा तो दूसरी तरह उनकी हत्या भी की जा रही है. इसके चलते शिवपुरी स्थित माधव नेशनल पार्क और कूनो-चंबल वन्यजीव कॉरिडोर पर विवाद में घिर गया है. यह मामला बाघिन की जहर देकर की गई हत्या से जुड़ा है. जिसके तार देश की राजधानी दिल्ली, मप्र के श्योपुर-मुरैना जिले और यूपी की ताज नगरी आगरा से जुड़े हैं, जहां बाघ की खाल का सौदा किया गया. अब तक की जांच में एक बड़े तस्कर गैंग का खुलासा हुआ है. सबसे हैरानी वाली बात यह है कि इसमें वन्यजीव संरक्षण एनजीओ भी शामिल हैं. आइए विस्तार से जानते हैं क्या है पूरा मामला?
10 तेंदुओं की खाल और सिर मिले
मध्य प्रदेश में हुए वन्यजीवों के शिकार का खुलासा उत्तर प्रदेश के आगरा में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुआ. टीम ने होटल पर छापेमारी की, इस दौरान मौके से 10 तेंदुओं की खाल और उनके सिर बरामद किए गए, जिन्हें बेचने के लिए लाया गया था. छापेमारी में पकड़े गए आरोपियों से पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो इस मामले के तार सीधे मध्य प्रदेश से जुड़ गए.
माधव नेशनल पार्क और कूनो-चंबल इलाके से शिकार

kuno madhav corridor tigeress poaching delhi agra sheopur morena syndicate busted: पुलिस गिरफ्त में आरोपी.
दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही ऐसे करता था मदद
मध्य प्रदेश की स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) ने इस मामले की तह तक जाने के लिए पड़ताल शुरू की तो टीम दिल्ली पहुंची जहां से 2 प्रमुख आरोपियों को दबोचा गया. इनमें एक आरोपी दिल्ली पुलिस का बर्खास्त सिपाही निकला, जो तस्करों को सुरक्षा कवर और नेटवर्क की लॉजिस्टिक्स संभालने का काम करता था. इससे पहले टीम श्योपुर और मुरैना से 8 आरोपियों को भी जेल भेजे जा चुकी है.
NGO कर रहा था शिकारियों की मदद
दिल्ली एनसीआर से हो सकती हैं गिरफ्तारियां
एसटीएफ के अफसरों के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच की जा रही है. जल्द ही दिल्ली एनसीआर से कुछ हाई-प्रोफाइल लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है. अब तक टीम ने 10 तेंदुओं की खाल, सिर और शिकार का सामान बरामद किया है. 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच टीम का फोकस इस सिंडिकेट के मुख्य सरगना तक पहुंचने का है.
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