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CG में सिस्टम से परेशान किसान आत्महत्या को हुआ मजबूर, अस्पताल में भर्ती; डेढ़ महीने से धान बेचने को नहीं मिल रहा टोकन

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक किसान ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान बेचने के लिए जरूरी टोकन नहीं मिलने से परेशान होकर आत्महत्या करने की कोशिश की. किसान की पहचान सुमेर सिंह के रूप में हुई है, जो अस्पताल में भर्ती हैं.

CG में सिस्टम से परेशान किसान आत्महत्या को हुआ मजबूर, अस्पताल में भर्ती; डेढ़ महीने से धान बेचने को नहीं मिल रहा टोकन

Korba Hindi News: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक किसान ने आत्महत्या करने की कोशिश की. फिलहाल वह अस्पताल में भर्ती है. उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान बेचने के लिए जरूरी टोकन नहीं मिल पाया, इस वजह से उसने आत्मघाती कदम उठा लिया. किसान की पहचान हरदीबाजार थाना क्षेत्र में कोरबी गांव के रहने वाले सुमेर सिंह के रूप में हुई है. मामले में पुलिस जांच में जुटी हुई है.

किसान की पत्नी मुकुंद बाई ने बताया कि उनके पति ने रविवार-सोमवार की रात को कीटनाशक खा लिया था. फिर उन्हें हरदीबाजार स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया और बाद में कोरबा के जिला अस्पताल रेफर कर दिया. उनका कहना है कि वह अपना धान खरीद केंद्र (Purchase Center) पर बेचना चाह रहे थे, लेकिन बिक्री के लिए जरूरी टोकर कुछ गड़बड़ियों के चलते नहीं मिल पाया. वह धान एक महीने से बेचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है.

68 क्विंटल पड़ा है धान

कोरबी के रहने वाले संजय श्रीवास ने बताया कि सुमेर सिंह के पास पुटा गांव में 3.75 एकड़ जमीन है और उनका 68 क्विंटल धान पड़ा हुआ है. उनका डेढ़ महीने से टोकन जेनरेट नहीं हो पाया है. सुमरे मोबाइल का भी प्रयोग नहीं करना जानते हैं.

श्रीवास ने आरोप लगाया कि राजस्व और खरीद अधिकारियों के पास बार-बार जाने के बावजूद और 'जनदर्शन' (जनता की शिकायत सुनने) के दौरान शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यह मामला अनसुलझा रहा.

कांग्रेस सांसद ने की मुलाकात

अस्पताल में भर्ती सुमेर से मिलने और उनका हाल जानने कोरबा की कांग्रेस सांसद ज्योत्सना महंत सोमवार को अस्पताल गईं. उन्होंने मामले को "बेहद दुखद" बताते हुए अधिकारियों से जवाबदेही तय करने की मांग की.

कलेक्टर ने क्या कहा

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने कहा कि प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है और उचित कार्रवाई शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

पहले भी हो चुकी है ऐसी कोशिश

पिछले महीने इसी तरह की एक घटना में महासमुंद जिले में एक 65 वर्षीय किसान ने कथित तौर पर MSP पर अपना धान बेचने के लिए टोकन न मिलने पर अपना गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी.

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