गुना: केंद्रीय मंत्री और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिवसीय मध्य प्रदेश के दौरे पर हैं. 27 जून को वे कूनो नदी के उद्गम स्थल कंजा गांव पहुंचे. जहां उन्होंने पूजा-अर्चना की और जल गंगा संवर्धन अभियान के जिला स्तरीय समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. इस अवसर पर सिंधिया ने कूनो नदी के संरक्षण और जीर्णोद्धार के लिए 43 करोड़ रुपये की लागत वाली कूनो नदी पुनर्जीवन परियोजना का लोकार्पण किया. इस योजना का फायदा क्षेत्र के किसानों को भी मिलेगा. इससे 1800 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी जो किसानों के लिए राहत भरी खबर है.
कूनो नदी पुनर्जीवन परियोजना क्या है?
- परियोजना का लक्ष्य जल संरक्षण, भूजल स्तर और कृषि उत्पादन बढ़ाना है. साथ ही, क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बनाना है.
- परियोजना में 23 ग्राम पंचायत और 101 गांव को शामिल किया है.
- परियोजना की लागत 43 करोड़ रुपये तय की गई है.
- इससे जल भंडारण क्षमता में 5.12 MCM का इजाफा होगा.
- कृषि सिंचाई क्षमता करीब 1800 हेक्टेयर बढ़ेगी.
गुना जिले के कांजा ग्राम स्थित कूनो नदी उद्गम स्थल पर आज आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के #EkPedMaaKeNaam अभियान के अंतर्गत 700 पौधों के रोपण का शुभारंभ कर प्रकृति और मातृत्व को नमन किया।
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) June 27, 2026
इस अवसर पर ‘जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत आयोजित जल संरक्षण जनआंदोलन में… pic.twitter.com/DBh0oIgpgw
पृथ्वी और प्रकृति है, तभी संभव है मानव का अस्तित्व
लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि पृथ्वी और प्रकृति है, तभी मानव का अस्तित्व संभव है. इस सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत की है, जिसके तहत कूनो नदी के उद्गम स्थल पर 2500 पौधों का रोपण किया जा रहा है. अब तक 1700 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं.

जल गंगा संवर्धन अभियान में शामिल हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया.
सिंचाई की सुविधा भी होगी उपलब्ध
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जल संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जल है तो जीवन है. इस सोच के साथ कूनो नदी पुनर्जीवन परियोजना का क्रियान्वयन पूरे जिले में किया जा रहा है. इससे न केवल जल संग्रहण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र के किसानों को 1800 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी. उन्होंने कहा- 180 किलोमीटर लंबी कूनो नदी चंबल नदी में मिलती है, जिसका 35 प्रतिशत भाग गुना जिले में आता है. नदी के उद्गम स्थल पर जो कार्य किया जा रहा है, उसका असर पूरी नदी के प्रवाह और पर्यावरण पर पड़ेगा.
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ग्राम कांजा (गुना) में जल संरक्षण एवं #EkPedMaakeNaam अभियान के अंतर्गत 700 पौधों के रोपण के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री @JM_Scindia जी का संबोधन https://t.co/bod1jRHDXD
— Office Of JM Scindia (@Officejmscindia) June 27, 2026
कूनो नदी के बारे में भी जानिए?
- कूनो नदी 180 किलोमीटर लंबी है, यह गुना, शिवपुरी, श्योपुर और मुरैना जिले से होकर गुजरती है.
- यह नदी कूनो राष्ट्रीय उद्यान (Kuno National Park) के बीच से होकर गुजरती है, जिसे उद्यान की लाइफ लाइन भी माना जाता है.
- कूनो नदी का उद्गम स्थल गुना जिले के कंजा गांव में है और यह मुरैना जिले में स्थित चंबल नदी में जाकर विलीन होती है.
लोगों की समस्याएं सुनी
इससे पहले केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 27 जून की सुबह जनसुनवाई कर आम लोगों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को तुरंत समाधान के निर्देश दिए.
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