विज्ञापन

इंद्रावती नदी पर 648 मीटर लंबा फुंडरी ब्रिज बनकर तैयार, नहीं बंटेगा बीजापुर, अबूझमाड़ के 50 गांव को फायदा

बीजापुर की इंद्रावती नदी पर फुंडरी ब्रिज बनकर तैयार हो गया है. इस पुल का काम साल 2021-22 में शुरू हुआ था जो अब लगभग पूरी तरह बनकर तैयार है. करीब 120 करोड़ की लागत से बने इस पुल से 50 गांव को सीधा फायदा होगा. यह पुल नक्सलियों के खात्मे के बाद विकास की एक बानगी है.

इंद्रावती नदी पर 648 मीटर लंबा फुंडरी ब्रिज बनकर तैयार, नहीं बंटेगा बीजापुर, अबूझमाड़ के 50 गांव को फायदा
इंद्रावती नदी पर फुंडरी ब्रिज बनने से बारिश में दो हिस्सों में नहीं बंटेगा बीजापुर जिला.

बीजापुर: बीजापुर की इंद्रावती नदी पर फुंडरी ब्रिज बनकर तैयार हो गया, जो बस्तर के बदलते दौर और विकास की नई कहानी बयां कर रहा है. कभी नक्सल हिंसा, दुर्गम रास्तों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण देश-दुनिया से कटे अबूझमाड़ क्षेत्र में यह ब्रिज अब विकास की मजबूत नींव रखने के लिए तैयार है. 120 करोड़ की लागत से इंद्रावती नदी पर बना 648 मीटर लंबा यह पुल न केवल एक परियोजना है, बल्कि यह अबूझमाड़ क्षेत्र में बसे उन हजारों ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पीड़ा का समाधान भी है, जिन्हें बारिश के मौसम में अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती थी. 

सबसे पहले पुल के बारे में जानिए... 

  • कहां बना- इंद्रावती नदी पर 
  • नाम- फुंडरी ब्रिज 
  • काम कब शुरू हुआ- साल 2021-22 में 
  • कब खत्म हुआ- साल 2026 में 
  • कितनी लागत- करीब 120 करोड़ रुपये
  • फायदा- 50 से अधिक गांव हाईवे से जुड़े 
Bijapur Indravati River Phundri Bridge

Bijapur Indravati River Phundri Bridge

दिल्ली से 2 घंटे में लखनऊ, 3 में वाराणसी, 6 में सीधे सिलीगुड़ी; रेल मंत्री ने बताया बुलेट ट्रेन कैसे शहरों को लाएगी करीब
 

जरूरी सेवा अब सीधे गांव तक पहुंचेगी  

दरअसल, बरसात के मौसम अबूझमाड़ के 50 से अधिक गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय के मुख्य मार्गों से टूट जाता था. कई बार मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते थे, बच्चे स्कूल जाने से वंचित रह जाते थे और ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए घंटों पैदल सफर करना पड़ता था. लेकिन, नक्सलियों के खात्मे के बाद से प्रदेश की तस्वीर लगातार बदल रही है. इंद्रावती पर बना यह पुल अब इन गांवों को सीधे नेशनल हाईवे से जोड़ेगा. पुल का निर्माण पूरा हो गया है, अब सिर्फ रैलिंग लगाने समेत अन्य काम किया जा रहा है. इस पुल से लोगों का न सिर्फ सफर आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के नए अवसर भी ग्रामीणों तक पहुंचेंगे. एंबुलेंस, स्कूल वाहन और जरूरी सेवाएं की पहुंच अब सीधें गांवों के दरवाजे तक होगी. 

120 करोड़ की लागत से बना ब्रिज.

120 करोड़ की लागत से बना ब्रिज.

बुलेट ट्रेन: दिल्ली अब दूर नहीं, लखनऊ-वाराणसी जैसे शहरों से डेली अपडाउन, घर से लेकर महानगर तक हालात बदलेंगे
 

किन ग्राम पंचायतों को मिलेगा सीधा लाभ 

इस पुल के बनने से भैरमगढ़ और अबूझमाड़ क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों को राहत मिलेगी. इनमें बंगोली, बेलनार, चिंगेर, बैल, मर्रामेटा, टाकिलोड़ और इटामपार ग्राम पंचायत व उसके आसपास के गांव शामिल हैं.  
फुंडरी ब्रिज से  50 गांव को सीधा फायदा होगा.

फुंडरी ब्रिज से 50 गांव को सीधा फायदा होगा.

कलेक्टर विश्वदीप बोले- जिले के महत्वपूर्ण उपलब्धि  

बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि फुंडरी ब्रिज बीजापुर जिले के लिए बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि है. पुल नहीं होने से जिले का एक बहुत बड़ा हिस्सा बरसात में कट जाता था. लेकिन, अब सभी गांव से सीधे मुख्यमार्ग से जुड़ जाएंगे, साथ ही प्रशासन की पहुंच भी बढ़ेगी. खासकर बेलनार, पल्लेवाया और बैल पंचायत को बड़ी सुविधा मिलेगी. जल्द ही इसका काम पूरी तरह खत्म हो जाएगा.

छत्तीसगढ़ की सुपर गर्ल चारू पांडेय, SSC से लेकर बैंक-रेलवे समेत 19 सरकारी नौकरियों का रिकॉर्ड

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Bijapur News, Chattisgarh News, Chattisgarh News In Hindi, Bijapur Development, Bijapur News In Hindi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com