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IPS की लव स्‍टोरी: LBSNAA की प्रोफेसर की बेटी पर आया दिल, बस्‍तर एसपी की FB वाली दोस्‍ती प्‍यार में बदली

छत्तीसगढ़ के बस्तर एसपी आईपीएस शलभ कुमार सिन्हा और जान्हवी पांडेय की खूबसूरत लव स्टोरी, जो यूपीएससी की तैयारी के दौरान शुरू हुई और फेसबुक के जरिए मुकम्मल हुई. जानिए सुकमा की चुनौतियों से लेकर पालोडी हमले के दौरान पत्नी की हिम्मत की पूरी कहानी.

IPS की लव स्‍टोरी: LBSNAA की प्रोफेसर की बेटी पर आया दिल, बस्‍तर एसपी की FB वाली दोस्‍ती प्‍यार में बदली
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छत्तीसगढ़ के बस्तर पुलिस अधीक्षक आईपीएस शलभ कुमार सिन्हा की 'अजब प्रेम की गजब कहानी' सामने आई है. यूपीएससी क्रैक करने के बाद इनकी प्रेम कहानी फेसबुक के जरिए शुरू हुई थी. इनका दिल LBSNAA (लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी) की प्रोफेसर की बेटी पर आया और आज दोनों पति-पत्नी हैं.

दरअसल, संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा पास करके मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी पहुंचने के बाद अक्सर भावी कलेक्टर-एसपी एक-दूसरे को दिल दे बैठते हैं. LBSNAA से कई अफसर जोड़ों की प्रेम कहानियां शुरू होती हैं, मगर इस मामले में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी शलभ कुमार सिन्हा की लव स्टोरी थोड़ी जुदा है, जिसे उन्होंने खुद NDTV से बातचीत में बयां किया है.

यूपीएससी की तैयारी करने द‍िल्‍ली आए

IPS शलभ कुमार सिन्हा बताते हैं क‍ि "मैं यूपीएससी की तैयारी करने के लिए दिल्ली आया था. तीन बार असफल रहा, मगर हिम्मत नहीं हारी. चौथे प्रयास में मुझे सफलता मिली और मैं भारतीय पुलिस सेवा का अफसर बना. LBSNAA में शुरुआती ट्रेनिंग के दौरान फेसबुक पर एक कॉमन फ्रेंड की पोस्ट पर जान्हवी पाण्डेय को टैग हुए देखा. उन्हें देखकर याद आया कि यह वही लड़की है, जो दिल्ली में हमारे साथ यूपीएससी की तैयारी किया करती थी, हालांकि तब इनसे कोई जान-पहचान नहीं थी. बस इतना पता था कि यह भी छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं."

जान्हवी पाण्डेय को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी

आईपीएस सिन्हा ने बिना किसी पुरानी जान-पहचान के ही जान्हवी पाण्डेय को फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी. इस पर वे कहते हैं, "मैं चांस लेना चाहता था क्योंकि हम दोनों ही छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे." कुछ दिनों बाद जान्हवी पाण्डेय ने फेसबुक पर उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली. इसके बाद चैट करते-करते दोनों में अच्छी दोस्ती हो गई, जो कब प्यार में बदल गई, पता ही नहीं चला. साल 2016 में दोनों ने अपने परिवारों की सहमति से शादी कर ली. जान्हवी पाण्डेय मूल रूप से रायपुर (छत्तीसगढ़) की रहने वाली हैं. उनकी मां ज्योति पांडेय LBSNAA में हिंदी की प्रोफेसर हुआ करती थीं, जो अब रिटायर हो चुकी हैं.

LBSNAA में बीते आठ साल-जान्हवी पाण्डेय

आईपीएस सिन्हा की पत्नी जान्हवी पाण्डेय कहती हैं कि उनकी मां के LBSNAA में प्रोफेसर होने के कारण उनके बचपन के आठ साल वहीं बीते थे. वहां उन्होंने हर साल आईएएस-आईपीएस अफसरों को ट्रेनिंग लेते देखा था, इसलिए बचपन से उनका भी सपना था कि वे एक दिन खाकी वर्दी पहनें. आईपीएस बनने के लिए उन्होंने भी यूपीएससी में भाग्य आजमाया था; प्रीलिम्स परीक्षा पास की, मगर मुख्य परीक्षा (Mains) में असफल रहीं. हालांकि, बाद में उनका खाकी वर्दी पहनने का वह सपना एक आईपीएस पति पाकर पूरा हो गया.

IPS की शादी के कुछ दिनों बाद ही सुकमा में पोस्टिंग

छत्तीसगढ़ का सुकमा जिला नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में से एक रहा है. आईपीएस शलभ कुमार सिन्हा बताते हैं कि शादी के कुछ दिनों बाद ही उनकी पोस्टिंग सुकमा में हो गई थी. इससे पहले बतौर एसपी वे जहां भी पोस्टेड रहे, वहां उनकी पत्नी हमेशा उनके साथ रहीं. लेकिन सुकमा में नक्सलवाद के खात्मे के लिए उन्हें जंगलों में कैंप लगाकर भी रहना पड़ता था.

जान्हवी पाण्डेय बताती हैं, "आईपीएस पति को सुकमा भेजे जाने से पहले ही मैं इनसे कहा करती थी कि आप सुकमा के एडिशनल एसपी बनेंगे, और बाद में ईश्वर की कृपा से वैसा ही हुआ. तब मुझे इन पर बहुत गर्व हुआ क्योंकि वह (खाकी का) मेरा खुद का भी सपना था. जब ये पालोडी गए थे, तब मुझे सच में अहसास हुआ कि मैं एक आईपीएस की पत्नी हूं. पालोडी में सुरक्षाबलों पर एक नक्सली हमला हुआ था, जिसके बाद दो-तीन दिनों तक हम दोनों के बीच कोई संपर्क नहीं हो पाया था."

कौन हैं शलभ कुमार सिन्हा?

आईपीएस शलभ कुमार सिन्हा मूल रूप से छत्तीसगढ़ के जशपुर के रहने वाले हैं. उनका जन्म 12 मई 1984 को जशपुर जिले के रायकेरा गांव में हुआ था. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई कोरबा से की है. इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने बालको (BALCO) प्लांट में नौकरी की. कुछ समय बाद नौकरी छोड़कर वे यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली चले गए और अपने चौथे प्रयास में 244वीं रैंक के साथ यूपीएससी परीक्षा क्रैक की. वे होम कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी बने.

उनका यूपीएससी का सफर आसान नहीं था. साल 2010 में वे प्रीलिम्स भी पास नहीं कर पाए थे. साल 2011 में दूसरे प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचे. साल 2012 में तीसरे प्रयास में वे फिर से प्रीलिम्स में फेल हो गए. आखिरकार, साल 2013 की परीक्षा (जिसका परिणाम बाद में आया) में उन्हें बड़ी सफलता मिली.

IPS Shalabh Kumar Sinha इन जिलों में रहे एसपी

आईपीएस शलभ कुमार सिन्हा वर्तमान में बस्तर (जगदलपुर) के एसपी पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले वे सुकमा, कवर्धा, दुर्ग और कांकेर के पुलिस अधीक्षक पद पर भी कार्य कर चुके हैं. उनके पिता संजय कुमार सिन्हा कोल इंडिया से रिटायर हो चुके हैं, जबकि माता लता सिन्हा एक कुशल हाउसवाइफ हैं. उनका छोटा भाई सजल सिन्हा आईआईटी कानपुर से पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्तमान में कनाडा में कार्यरत है.

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