ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) धर्मवीर सिंह को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति के 'उत्कृष्ट सेवा पदक' के लिए चुना गया है. 31 साल पहले राज्य पुलिस सेवा से करियर शुरू करने वाले IPS धर्मवीर सिंह का ग्वालियर से खास रिश्ता है. 20 साल पहले वे यहां CSP थे और फिर SSP बनकर लौटे हैं. अब तक वे 2 वीरता पदक (गैलेंट्री पदक) और 1 सराहनीय सेवा पदक सहित अब कुल 4 राष्ट्रपति सम्मान हासिल कर चुके है.
रात 2 बजे थानों के औचक निरीक्षण, 829 पुलिसकर्मियों के तबादले और अगवा बच्चे को खोजने जैसे कार्यों के चलते उन्होंने कानून-व्यवस्था और जन-सेवा की नई मिसाल कायम की है. अब 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पदक के लिए उनके चयन की खबर सामने आने के बाद पुलिस महकमे में खुशी का माहौल है.
NDTV से बात करते हुए एसएसपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि उत्कृष्ट सेवा पदक मिलना, सिर्फ उनका सम्मान नहीं, यह पुलिस के सहयोगी अफसरों, कर्मचारियों और मित्रों का सम्मान हैं.

ips dharamveer singh gwalior ssp presidents distinguished service medal gallantry awards.
31 साल पहले शुरू हुआ था पुलिस सेवा का सफर
मूलतः उत्तर प्रदेश के रहने वाले धर्मवीर सिंह ने करीब 31 वर्ष पहले मध्य प्रदेश राज्य पुलिस सेवा से अपने पुलिस करियर की शुरुआत की थी. उनकी पहली पोस्टिंग अंबिकापुर में हुई थी, जो मध्य प्रदेश से अलग होकर बने छत्तीसगढ़ राज्य का हिस्सा है. समय के साथ वे पदोन्नत होकर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में पहुंचे. ग्वालियर से पहले वे सतना और खरगोन के एसपी भी रह चुके हैं. पुलिस सेवा के करियर में उन्होंने अलग-अलग दायित्वों में काम करते हुए कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में बेहतरीन नेतृत्व का परिचय दिया.
20 पुलिस कप्तान बनकर लौटे
SSP धर्मवीर सिंह का ग्वालियर से संबंध नया नहीं है. वे अपने पुलिस सेवा के शुरुआती दौर में ग्वालियर में सीएसपी के रूप में सेवाएं दे चुके हैं. इसके करीब दो दशक यानी 20 साल बाद 2024 में उन्हें ग्वालियर का पुलिस कप्तान बनाकर दोबारा भेजा गया. ग्वालियर में कमान संभालने के बाद उन्होंने अपराध नियंत्रण और पुलिस की जवाबदेही पर विशेष जोर दिया.

Photo Credit: gwalior ssp dharamveer singh presidents distinguished service medal gallantry awards
पुलिस कितनी सजग, रात 2 बजे जांचा
SSP धर्मवीर सिंह ने मई 2025 में रात दो बजे अचानक महाराजपुरा थाने की तत्परता जांची, जहां अनुपस्थित पाए गए 11 पुलिसकर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसके अलावा वर्ष 2025 में उन्होंने प्रशासनिक कसावट लाते हुए 829 पुलिसकर्मियों के तबादले किए.
नागरिक केंद्रित पुलिसिंग की मिसाल
वर्ष 2026 में ग्वालियर पुलिस ने 'तेरा तुझको अर्पण' अभियान के तहत करोड़ों रुपये कीमत के हजारों गुमशुदा मोबाइल ढूंढकर उनके मालिकों को लौटाए. वहीं जून 2026 में 6 वर्षीय लापता बच्चे को ढूंढने के लिए वे खुद मौके पर पहुंचे और 200 जवानों के साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर बच्चे को सकुशल बरामद कराया.
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