IAS Nagarjun Gowda Khandwa: उफनती नदी. चारो ओर मौत बनकर बहती अथाह जलधारा. मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के जवार पुलिस थाना इलाके के हांडी कुडी में सुक्ता और आबना नदी के बीच बने टापु पर चार जिंदगियां फंसी हुई थी. अचानक बढ़े जलस्तर ने उनका बाहर निकला असंभव कर दिया था. हर गुजरता पल जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष बन चुका था.
जावर पुलिस की शुरुआती कोशिशें
टापु पर चार जिंदगी फंसे होने की सूचना पाकर खंडवा जिले की जावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची. नदी में फंसे चारों लोगों को बचाने के लिए जावर एसएचओ ने ग्रामीणों की मदद से रस्सी के जरिए कोशिश की, मगर पानी के प्रचंड बहाव के सामने सारी कोशिशें नाकाम हो रही थी, मगर उन्होंने हिम्मत नहीं हारी.
मौके पर पहुंचे जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी
मामले की गंभीरता को देखते जिला प्रशासन खंडवा ने तुरंत एसडीईआरएफ की टीम को मौके पर भेजा. प्रभारी कलेक्टर IAS डॉ नागार्जुन गौडा, खंडवा एसपी IPS अगम जैन समेत पुलिस व प्रशासन के तमाम अफसर रातभर मौके पर ही डटे रहे और चार लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
खंडवा जिले के हांडीकुंड (थाना जावर) क्षेत्र में सुक्ता एवं आवना नदी के मध्य स्थित टापू पर फंसे चार युवकों को लगभग साढ़े 10 घंटे तक चले चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के बाद सकुशल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) August 1, 2026
प्रतिकूल परिस्थितियों में संचालित इस अभियान में मध्यप्रदेश राज्य आपदा… pic.twitter.com/z33bzmlcxJ
ड्रोन से पहुंचाया सामान, लगातार बढ़ाया मनोबल
जिला कमांडेंट होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ आशीष कुमार की लीडरशीप में टीम ने अदम्य साहस, धैर्य और तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए ड्रोन से लाइफ जैकेट, भोजन व पीने का पानी नदी में फंसे लोगों तक पहुंचाया और लगातार उनका मनोबल बनाए रखा. उनको हिम्मत नहीं हारने दी. इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन में करीब साढे दस घंटे तक सफलता मिलने की उम्मीद जगी तब जलस्तर कम हुआ.

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सुबह 4:45 बजे मिली सफलता, सुरक्षित निकाले गए चारों युवक
खंडवा और इंदौर दोनों जगहों की एसडीईआरएफ टीम ने मि लकर रेस्क्यू ऑपरेशन किया. इस संयुक्त टीम ने सुरक्षा रस्सियों और मोटरबोट की मदद से चारों युवकों को बचाया लिया. सुबह करीब चार बजकर 45 मिनट जैसे ही चारों युवक सकुशल नदी के पानी से बाहर निकले तो रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हर किसी शख्स ने राहत की सांस ली.
प्रशासन के समन्वय और समर्पण का मिसाल
यह केवल एक सफल रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं बल्कि खंडवा जिला प्रशासन के प्रभावी समन्वय और एसडईआरएफ के अदम्य साहस, तकनीकी दक्षता, उत्कष्ट प्रशिक्षण तथा मानव जीवन के प्रति अटूट समर्पण का ऐतिहासिक उदाहरण बना.
आईएएस नागार्जुन गौड़ा का सोशल मीडिया संदेश
प्रभारी कलेक्टर आईएएस नागार्जुन गौडा ने पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लिखा कि ''ज़िले में भारी बारिश के बाद फँसे 4 युवाओं को बचाने के लिए SDERF, खंडवा प्रशासन और पुलिस ने मिलकर बेहतरीन काम किया. अंधेरे में 10.5 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला. हमें अपने उन साथियों पर गर्व है जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान अपनी जान जोखिम में डाली. ऐसे ही कुछ पल हमें सेवा करने का संतोष देते हैं.
कौन हैं आईएएस नागार्जुन गौड़ा
बता दें कि नागार्जुन गौडा मध्य प्रदेश कैडर में 2019 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. ये मूल रूप से कर्नाटक के तुमकुरु जिले के तिप्तूर के रहने वाले हैं. 5 सितंबर 1992 को जन्म नागार्जुन गौडा राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज से एमबीबीएस करके डॉक्टर बने और उसके बाद यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा 2018 में अखिल भारतीय स्तर पर 218वीं रैंक हासिल की.
खंडवा जिले में भारी बारिश
PRO Khandwa के अनुसार पिछले चौबीस घंटों में खंडवा जिले में 30.6 मिमी. औसत वर्षा दर्ज की गई है. भू-अभिलेख कार्यालय ने बताया कि खण्डवा तहसील में 42 मिलीमीटर, नया हरसूद तहसील में 25 मिलीमीटर, पंधाना में 40, पुनासा तहसील में 10 मिलीमीटर तथा खालवा तहसील में 36 मिली मीटर वर्षा दर्ज की गई है. उल्लेखनीय है कि गत वर्ष 31 जुलाई तक 326 मिली मीटर औसत वर्षा की गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक जिले में 445.6 मिली मीटर औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक खण्डवा तहसील में 537 मिलीमीटर, नया हरसूद तहसील में 355 मिलीमीटर, पंधाना तहसील में 467 मिलीमीटर, पुनासा तहसील में 343 मिलीमीटर तथा खालवा तहसील में 526 मिली मीटर वर्षा दर्ज की जा चुकी है. राजगढ़ डैम के 5 गेट खोले गए हैं.
स्कूलों में अवकाश घोषित
खंडवा में लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण जिले में संचालित समस्त शासकीय/अशासकीय/नवोदय/अनुदान प्राप्त/केंद्रीय विद्यालयों आदि में दिनांक 01 अगस्त को अवकाश घोषित किया गया था. जिला प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया कि भारी बारिश की वजह से उफान पर चल रहे नदी-नालों के पुल पुलियाओं पर पानी होने पर उन्हें पार न करें, सावधानी बरतें,सुरक्षित रहें.
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