- हाईकोर्ट की टीम ने रात तक की सड़कों की जांच, लिए सैंपल.
- SSP खटिया पर बैठकर देखते रहे पूरी कार्रवाई.
- एक जगह 3 लेयर पर बनी सड़क का खुलासा.
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सड़कों के निर्माण में किस तरह बड़े पैमाने पर धांधली और भ्रष्टाचार हो रहा है, इसकी पोल अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद खुलने लगी है. शहर की सड़कों की गुणवत्ता जांचने के लिए कोर्ट की निगरानी में अनोखी कार्रवाई देखने को मिली, जहां देर रात तक सड़कों की कोर कटिंग और मिट्टी के नमूने लेने का काम चला. इस प्रक्रिया के समय खुद एसएसपी धर्मवीर सिंह मौके पर मुस्तैद नजर आए और खटिया पर बैठकर पूरी कार्यवाही को देखा.
हाईकोर्ट ने सड़कों की सैंपलिंग के लिए तीन एडवोकेटस के दल, याचिकाकर्ता के साथ विशेषज्ञों की टीम भेजी थी. इस दौरान रात 11 बजे तक शहर की आठ अलग-अलग सड़कों को गड्ढे खोदकर मिट्टी और सड़क बनाने की सामग्री के कोर कटिंग कर नमूने लिए.

सैंपल को सील करते अधिकारी.
तीन लेयर के ऊपर सड़क
हाईकोर्ट की टीम ने प्रथम दृष्टया सड़क निर्माण में गड़बड़ी भी दिखी. एक स्थान पर खुदाई में तीन लेयर के ऊपर तीन बार सड़क बनाए जाने के सबूत मिले. जांच में लिए गए नमूने अलग-अलग जगह सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि किसी एक रिपोर्ट पर सवाल उठने पर दूसरे नमूने की जांच कराई जा सके.

टीम ने बुधवार को दिन में भी सड़कों की जांच की. टीम एक बस में बैठकर रेंडम जांच करने निकली और सबसे पहले बेटी बचाओ चौराहे पर पहुंचकर जांच की. इस सड़क में गड़बड़ी की खबर पहले एनडीटीवी ने ही चलाई थी.
ये लोग हैं टीम में शामिल
टीम तीन एडवोकेट गौरव समाधिया, पवन रघुवंशी, हिमांशु शर्मा के साथ तकनीकी विशेषज्ञ दल शामिल है. पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी भी हो रही है.

कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान कहा था कि हर जगह से 4 नमूने लिए जाएंगे. एक PWD टेस्टिंग लैब, दूसरा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा टेस्टिंग लैब, तीसरा जिला कोर्ट के मालखाने में सुरक्षित रहेगा, जरूरत पर किसी प्रतिष्ठित लैब से रिपोर्ट क्रॉस-चेक कराई जा सके. चौथा निगमायुक्त के पास रहेगा.
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