ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में इन दिनों तीन छोटे मेहमान हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं. दरअसल यहां सफेद बाघिन मीरा के तीनों शावक करीब साढ़े तीन महीने बाद पहली बार खुले बाड़े में नजर आए हैं. मां के पीछे-पीछे दौड़ते, खेलते और मस्ती करते इन शावकों को देखकर जू स्टाफ भी खुश है. फिलहाल इन्हें रोज कुछ घंटों के लिए बाहर निकाला जा रहा है और जल्द ही पर्यटक भी इनका दीदार कर सकेंगे.
खुले बाड़े में पहुंचते ही शुरू हो गई उछलकूद
ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में सुबह का नजारा इन दिनों बदला-बदला सा है. जैसे ही सफेद बाघिन मीरा अपने तीनों शावकों के साथ खुले बाड़े में पहुंचती है, नन्हे शावक उसके पीछे-पीछे दौड़ने लगते हैं. कोई घास पर लोटता है तो कोई अपने भाई-बहनों के साथ खेल में लग जाता है. कुछ देर बाद तीनों मां के आसपास घूमते नजर आते हैं. करीब साढ़े तीन महीने तक अलग रखे जाने के बाद यह पहली बार है, जब शावकों को खुले माहौल में आने का मौका मिला है. अभी उन्हें सुबह 9 से 11 बजे तक ही बाहर छोड़ा जा रहा है.
दो पीले और एक सफेद शावक
मीरा ने बीते 5 अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था. इनमें दो पीले और एक सफेद शावक है. जन्म के बाद से ही तीनों को खास देखरेख में रखा गया. जू प्रबंधन लगातार उनकी सेहत पर नजर बनाए हुए था ताकि किसी तरह की परेशानी न हो.अब सवाल उठता है कि आखिर इन शावकों को इतने लंबे समय तक क्यों बाहर नहीं लाया गया. दरअसल, कुछ समय पहले कान्हा टाइगर रिजर्व में सीडीवी वायरस की वजह से एक बाघिन और उसके चार शावकों की मौत हो गई थी. इस घटना के बाद देशभर के जू और टाइगर रिजर्व अलर्ट मोड में आ गए थे.ग्वालियर जू में भी मीरा और उसके बच्चों को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरती गई. इसी वजह से शावकों को आइसोलेशन में रखा गया. इसके अलावा ग्वालियर की गर्मी और उमस को देखते हुए भी उन्हें बाहर लाने में जल्दबाजी नहीं की गई.
अब धीरे-धीरे बढ़ेगा बाहर रहने का समय
गांधी प्राणी उद्यान के क्यूरेटर शिव कुमार का कहना है कि फिलहाल शावकों की हर हरकत पर नजर रखी जा रही है. अभी उन्हें सीमित समय के लिए ही खुले बाड़े में छोड़ा जा रहा है. अगर मौसम और उनकी सेहत ठीक रही तो बाहर रहने का समय धीरे-धीरे बढ़ाया जाएगा.इसके बाद पर्यटकों के लिए भी उन्हें नियमित रूप से खोला जाएगा.फिलहाल मीरा के ये तीनों शावक ग्वालियर जू की नई पहचान बन गए हैं. जो भी इन्हें देख रहा है, उसकी नजरें कुछ देर के लिए इन नन्हे बाघों पर ही ठहर जा रही हैं. मां के साथ उनकी मस्ती और शरारतें लोगों का दिल जीत रही हैं.
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