जापान में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट में श्रीलंका के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल में भारत अगर 169 रनों तक पहुंचा, तो उसके पीछे इकलौते ईशान किशन जिम्मेदार रहे. यही किशन ही थे, जिन्होंने 46 गेंदों पर 4 चौकों और 5 छक्कों से बिना आउट हुए 80 रन की ऐसी पारी खेली, जो भारत के एशियाड में रजत पदक सुनिश्चित करने में सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट बन सकती. और उनकी इस पारी को अपने समय के दिग्गज क्रिकेटर अजय जडेजा ने इसे ईशान किशन के करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी बताया. होस्ट के सवाल के जवाब में जडेजा बोले, 'यूं तो ईशान किशन करियर में दोहरा शतक भी जड़ चुके हैं. और भी कई शानदार पारियां खेल चुके हैं, लेकिन मेरे हिसाब से यह उनके करियर की सबसे बेहतरीन पारी है.' जड्डू ने आगे बात बढ़ाते हुए कहा,'इसकी सबसे बड़ी वजह पिच है. यहां की पिच टी20 के लायक नहीं है. इस पर असमान गति और उछाल है और स्ट्रोक खेलना बिल्कुल भी आसान नहीं है. लेकिन इसके बावजूद अगर ईशान किशन ने ऐसी पारी खेली, तो उसके पीछे की वजह बहुत ही खास है.'
ईशान की सफलता का राज
जडेजा ने 'खराब' पिच पर ईशान की शानदार पारी का राज़ बताते हुए कहा, 'जिस इलाके (बिहार, झारखंड) से ईशान से आते हैं, वहां पर ऐसी तरह की पिच होती हैं. आधी-अधूरी तैयार. और वह ऐसी ही पिचों पर खेलते हुए बड़े हैं. यही वजह है कि आज जब उन्हें ऐसी पिच मिली, तो उन्हें बड़ी पारी खेलने में बिल्कुल भी मुश्किल नहीं आई.'
इस वजह से नाकाम हुए बाकी बल्लेबाज
भारत की कुछ मैचों में कप्तानी कर चुके जडेजा ने कहा, 'भारतीय बल्लेबाजों को ज्यादातर टी20 मैचों में रनों से भरपूर पिचें मिलती हैं. और जब किसी मुकाबले में जापान जैसी पिच आती है, तो फिर वे नाकाम हो जाते हैं. ईशान किशन और बाकी बल्लेबाजों के बीच यही अंतर है. जडेजा ने पिच के संदर्भ में उदाहरण देते हुए कहा कि यह ठीक ऐसा है कि आप साल भर पनीर खाते हैं और इसके आदी हो जाते हैं, लेकिन जब खास दिन आपको अलग सब्जी मिल जाती है, तो यह आपको बिल्कुल भी नहीं पचती. यह वजह रही कि सेमीफाइनल मैच में जहां भारत के बाकी बल्लेबाज नाकाम रहे, तो ईशान किशन ने मैच का भाग्य तय करने वाली पारी खेल डाली'
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