- बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने CM के सामने सड़क निर्माण न होने पर जूते-चप्पल नहीं पहनने की घोषणा की.
- विधायक ने अपने क्षेत्र के 48 सड़कों के उन्नयन और 16 नई सड़कों की मंजूरी सहित अन्य विकास मांगें रखीं.
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विधायक को 16 की बजाय 17 सड़कें देने का प्रयास करने का आश्वासन दिया.
राजनीति में अपनी मांगों को मनवाने के लिए नेता अक्सर अलग-अलग तरीके अपनाते हैं, लेकिन एमपी के शाजापुर जिले में एक ऐसा वाकया देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान खींच लिया. बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में घोषणा कर दी कि यदि उनके क्षेत्र की प्रस्तावित सड़कें नहीं बनती हैं तो वे जूते-चप्पल पहनना छोड़ देंगे. विधायक के इस भावुक ऐलान पर मुख्यमंत्री ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी और न सिर्फ सड़कों के निर्माण का भरोसा दिलाया, बल्कि मंच से ही उन्हें शब्दों का ध्यान रखने की सलाह भी दे डाली.
सड़कों को लेकर विधायक का बड़ा ऐलान
दरअसल, शाजापुर जिले के कालापीपल में आयोजित किसानों से संवाद और पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान बीजेपी विधायक घनश्याम चंद्रवंशी ने अपने विधानसभा क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के सामने रखा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की जरूरत है और इसी संबंध में कई मांगें सरकार के सामने रखी हैं. इस दौरान उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि यदि स्वीकृति लंबित रही या सड़क निर्माण पूरा नहीं हुआ तो वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे.
मांग पत्र में रखीं कई अहम मांगें
कार्यक्रम में विधायक ने अपना मांग पत्र पढ़कर भी सुनाया. उन्होंने 48 सड़कों के उन्नयन, 16 नई सड़कों की स्वीकृति, नए राजस्व भवन के निर्माण और अरनियाकला में आर्ट्स एवं साइंस कॉलेज शुरू करने की मांग रखी. उनका कहना था कि इन कार्यों से क्षेत्र के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और विकास की रफ्तार तेज होगी.
मुख्यमंत्री ने नसीहत के साथ दिया आश्वासन
विधायक के बयान के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुस्कराते हुए जवाब दिया. उन्होंने कहा कि 16 नहीं बल्कि 17 सड़कें देने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार विकास कार्यों के प्रति प्रतिबद्ध है और क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने विधायक की मांगों को सकारात्मक रूप से लेने की बात भी कही.
मुख्यमंत्री ने मंच से कहा कि जूते-चप्पल त्यागने जैसी घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है. उन्होंने कहा, "जूते-चप्पल कांटों से बचाने और तेज चलने के लिए होते हैं, इन्हें छोड़ने की जरूरत नहीं है." साथ ही उन्होंने विधायक को सलाह देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करना चाहिए.
बयान से चर्चा में आया कार्यक्रम
मुख्यमंत्री और विधायक के बीच हुई यह बातचीत कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई. एक तरफ विधायक अपने क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीरता दिखाते नजर आए, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब देकर माहौल को सहज बना दिया. हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा छेड़ दी है.
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