NEET रिजल्ट के बाद से ही कई छात्रों ने आरोप लगाना शुरू कर दिया था कि उन्हें गलत तरीके से नंबर दिए गए हैं, इसी ओएमआर शीट गड़बड़ी को लेकर एक छात्र ने बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में एक याचिका दायर की थी, जिसे अब खारिज कर दिया गया है. कोर्ट में छात्र का दावा पूरी तरह से गलत साबित हुआ और ऐसा होते ही याचिकाकर्ता के वकील महिंद्रा गंडले ने तुरंत अपनी याचिका वापस ले ली. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर उठते सवालों के बीच ये बड़ी खबर सामने आई है. इससे पहले एनटीए ने साफ कर दिया था कि ऐसे दावे पूरी तरह से गलत हैं.
आंसर शीट से मैच हो गए नंबर
बीड के रहने वाले नीट के छात्र सोहम गवते ने कुछ दिन पहले बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ में एक याचिका दायर की थी, इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को याचिकाकर्ता छात्र की उत्तर पुस्तिका (Answer Sheet) पेश करने का आदेश दिया था. आज हुई सुनवाई के दौरान NTA ने छात्र की आंसर शीट अदालत के सामने जमा कर दी. जांच करने पर पाया गया कि मार्कशीट पर दर्ज अंक छात्र की OMR शीट के अंकों से पूरी तरह मेल खाते हैं. अंकों में कोई गड़बड़ी न मिलने के कारण हाईकोर्ट ने याचिका पर आगे विचार करने से इनकार कर दिया.
याचिका में किया था नंबरों की गड़बड़ी का दावा
छात्र ने अपनी याचिका में दावा किया था कि आंसर की में उसके 522 नंबर होते हैं, लेकिन स्कोर कार्ड में सिर्फ 95 नंबर मिले हैं. उसने आरोप लगाया था कि एनटीए की तरफ से नंबरों में गड़बड़ी हुई है. साथ ही उसने कोर्ट में ये भी बताया कि एनटीए को कई बार मेल करने के बाद भी उसे कोई जवाब नहीं दिया गया.
दिल्ली हाईकोर्ट में भी दायर हुई याचिका
ऐसी ही एक याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में भी दाखिल हुई है. इसमें छात्र ने दावा किया है कि 24 घंटे के भीतर उसके नंबरों में तीन बार बदलाव किया गया. उसने कहा है कि सबसे पहले उसे 650 नंबर दिए गए थे, इसके बाद ये घटकर 500 हो गए और आखिर में 135 नंबर मिले. याचिका में वकील ने मांग की है कि परीक्षा से जुड़े सभी रिकॉर्ड्स के साथ छात्र की असली फिजिकल OMR आंसर शीट अदालत में पेश की जाए.
ये भी पढ़ें - ऑनलाइन और डिस्टेंस लर्निंग से 1 साल के PG कोर्स की मंजूरी, UGC ने बताया किसे मिलेगा एडमिशन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं