मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद सतना प्रशासन अलर्ट हो गया है. प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि नदी के किनारे अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा एक्शन हो सकता है. जिला कलेक्टर के निर्देश पर इसे लेकर काम भी शुरू हो गया है. जिसे चित्रकूट और सतना प्रशासन के अधिकारी मिलकर करेंगे.
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के नियमों के तहत होगी जांच
मझगवां एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर की लीडरशिप में बनाई गई टीम में नगर परिषद चित्रकूट के सीएमओ, नायब तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ, जल संसाधन विभाग के एसडीओ समेत नगर परिषद चित्रकूट के सब इंजीनियर को शामिल किया गया है. जांच टीम मंदाकिनी नदी की सीमा का निरीक्षण करेगी.
145 मीटर से ज्यादा हो गया था जलस्तर
पिछले महीने 28-29 अगस्त की रात आई बाढ़ के दौरान मंदाकिनी नदी में जलस्तर 140 मीटर की सीमा पार कर 145.66 मीटर तक पहुंच गया था. जिससे हनुमानधारा पुल भी बह गया था. ऐसे में टीम अब नदी के बाढ़ स्तर का नए सिरे से सीमांकन करेगी.
नियमों के तहत करेंगे कार्रवाई
सतना जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के अनुसार, नदी के प्राकृतिक बहाव वाले रास्ते को पूरी तरह साफ रखा जाएगा. इसमें बाधा बनने वाले निर्माणों की जांच के बाद नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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