उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बाढ़ के बीच आस्था और समर्पण की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया है. मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई मंदिर और आसपास के इलाके पानी में डूब गए हैं. प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटा हुआ है, लेकिन एक पुजारी ने जलमग्न मंदिर छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. उनका कहना है कि वह संकट की इस घड़ी में भगवान को अकेला छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे.
बाढ़ के बीच मंदिर में डटे रहे पुजारी
चित्रकूट में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी उफान पर रही. नदी का जलस्तर बढ़ने से कई मंदिरों में पानी भर गया था. इसी दौरान बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधिकारियों ने एक जलमग्न मंदिर में मौजूद पुजारी से बाहर आने की अपील की. अधिकारियों ने उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर छोड़ने के लिए समझाया, लेकिन पुजारी अपने निर्णय पर अडिग रहे. उन्होंने कहा कि वह अपने भगवान को छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों.
प्रशासन ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह लगातार प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं. प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. साथ ही नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है. सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से भी लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है.
खतरे के निशान से ऊपर पहुंची मंदाकिनी
लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी नदी अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. नदी का पानी बढ़ने से चित्रकूट के कई हिस्सों में दोबारा जलभराव की स्थिति बन गई है. रामघाट क्षेत्र में निर्मोही अखाड़ा और टेम्पो स्टैंड सहित कई स्थानों पर पानी भर गया है. हालात को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं. बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है.
रामघाट के आसपास डूबीं सैकड़ों दुकानें
बाढ़ का सबसे ज्यादा असर रामघाट और उसके आसपास के इलाकों में देखने को मिल रहा है. यहां 400 से अधिक दुकानें पानी में डूब चुकी हैं. इसके अलावा 20 से 25 होटलों में भी पानी भर गया है, जिससे कारोबार पूरी तरह प्रभावित हो गया है. स्थानीय लोगों के सामने रोजमर्रा की गतिविधियां भी चुनौती बन गई हैं. स्थिति ऐसी है कि कई लोग हाथ ठेलों में बैठकर कामदगिरि परिक्रमा मार्ग से आने-जाने को मजबूर हैं.
सोशल मीडिया पर चर्चा में पुजारी की आस्था
बाढ़ के बीच मंदिर में डटे रहने वाले पुजारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. एक तरफ प्रशासन उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आया, तो दूसरी तरफ पुजारी की अपने आराध्य के प्रति अटूट श्रद्धा ने लोगों का ध्यान खींचा. चित्रकूट की इस घटना ने एक बार फिर दिखाया है कि विपरीत परिस्थितियों में भी आस्था और विश्वास लोगों को अपने कर्तव्य पर डटे रहने की ताकत देते हैं.
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