- मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के बाद चित्रकूट के कई इलाकों में कीचड़, मलबा और टूटे सामान के कारण भारी नुकसान हुआ.
- बाढ़ में डूबने से दो श्रद्धालुओं की मौत हुई, जिनमें रामधाम मंदिर के पुजारी और फंसे श्रद्धालु शामिल हैं.
- 40वर्ष पुराने रामघाट से नयागांव जोड़ने वाले पुल का बहाव के कारण टूट जाना स्थानीय आवाजाही प्रभावित कर रहा है.
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी की बाढ़ का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन अपने पीछे वह दर्द, तबाही और बेबसी की ऐसी तस्वीर छोड़ गया है, जिसे देखकर हर किसी का दिल भर आता है. जिन गलियों में कुछ दिन पहले श्रद्धालुओं की चहल-पहल और धार्मिक वातावरण नजर आता था, वहां अब कीचड़, मलबा और बिखरा हुआ सामान दिखाई दे रहा है. कई परिवार अपने घरों और दुकानों में घुसे मलबे के बीच जरूरी सामान खोजते नजर आ रहे हैं, तो कुछ लोग उन अपनों को याद कर रहे हैं जिन्हें इस आपदा ने उनसे हमेशा के लिए छीन लिया. बाढ़ ने न केवल लोगों की जिंदगी को झकझोर दिया, बल्कि चित्रकूट की पहचान माने जाने वाले कई स्थानों को भी गहरे जख्म दिए हैं.
तबाही के निशान अब साफ दिख रहे
मंदाकिनी नदी का जलस्तर घटने के बाद चित्रकूट में बाढ़ की असली तस्वीर सामने आने लगी है. जिन इलाकों में कुछ घंटे पहले तक पानी का सैलाब था, वहां अब चारों तरफ कीचड़, मलबा और टूटे-बिखरे सामान का ढेर दिखाई दे रहा है. रामघाट, लोहसरिया, भरत घाट, पुरानी लंका तिराहा और आरोग्यधाम सहित कई इलाकों में बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है. कई मकानों की दूसरी मंजिल तक छह से आठ फीट ऊंचा पानी भर गया था, जिससे घरों में रखा सामान पूरी तरह खराब हो गया.
मलबे में तलाश रहे अपनी जरूरत की चीजें
पानी उतरने के बाद अब प्रभावित परिवार अपने घरों और दुकानों में पहुंचकर नुकसान का जायजा ले रहे हैं. कोई मलबे के बीच जरूरी दस्तावेज खोज रहा है तो कोई घर का बचा हुआ सामान समेटने में जुटा है. कई दुकानदार अपनी आजीविका बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बाढ़ का पानी उनके सपनों और मेहनत पर भारी पड़ता नजर आ रहा है.

बाढ़ पीड़ितों ने एनडीटीवी को बताया अपना दुख.
बाढ़ में दो श्रद्धालुओं की मौत
चित्रकूट में आई इस आपदा में दो लोगों की जान भी चली गई. रामधाम मंदिर में सूरदास पुजारी की मौत हो गई, जबकि कामतानाथ मार्ग स्थित शिवहरे धर्मशाला में ठहरे बिहार निवासी कमला शरण की बाढ़ के पानी में फंसने से मौत हो गई. जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने दोनों मौतों की पुष्टि की है.
धर्मशाला में फंसे थे श्रद्धालु
जानकारी के मुताबिक, शिवहरे धर्मशाला में चतुर्मास के लिए करीब 50 श्रद्धालु ठहरे हुए थे. बाढ़ का पानी अचानक बढ़ने से तीन लोग वहां फंस गए थे. राहत दल ने दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन कमला शरण को बचाया नहीं जा सका. इस घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है.

44 साल पुराना पुल भी नहीं बच सका
बाढ़ का असर सिर्फ घरों और दुकानों तक ही सीमित नहीं रहा. रामघाट और नयागांव के रास्ते हनुमानधारा को जोड़ने वाला करीब 44 साल पुराना पुल भी तेज बहाव की चपेट में आकर टूट गया. पुल टूटने से इलाके की आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
तेज बहाव के कारण कई बाइक और अन्य वाहन पानी में बह गए. बड़ी संख्या में लोगों का घरेलू सामान भी बाढ़ की भेंट चढ़ गया. कई परिवारों का कहना है कि वर्षों की जमा पूंजी और जरूरी वस्तुएं कुछ ही घंटों में बर्बाद हो गईं. अब लोग नुकसान का आकलन कर रहे हैं और सामान्य जीवन की ओर लौटने की कोशिश में लगे हैं.
राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं. जिला प्रशासन के कर्मचारी भी प्रभावित इलाकों में पहुंचकर मलबा हटाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने का काम कर रहे हैं. प्रशासन का दावा है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है.

मुख्यमंत्री ने लिया हालात का जायजा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को हेलीकॉप्टर से चित्रकूट पहुंचे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया. उन्होंने कामतानाथ प्रमुख द्वार पर बनाए गए आश्रय स्थल में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं. मुख्यमंत्री ने जरूरतमंद लोगों को राहत सामग्री भी वितरित की और अधिकारियों को राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए.
सात दिन तक अलर्ट रहेगा प्रशासन
जिला कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने बताया कि प्रशासन अगले सात दिनों तक पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहेगा. राहत और बचाव कार्यों के लिए एक एनडीआरएफ और सात एसडीआरएफ टीमों को तैनात किया गया है. कलेक्टर ने कहा कि बाढ़ ने अचानक विकराल रूप ले लिया था, जिसके कारण लोगों को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिला. फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और हालात को जल्द से जल्द सामान्य करने पर है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं