Chhattisgarh Assembly Monsoon Session 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीति में मानसून सत्र से पहले सियासी तापमान तेज हो गया है. नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस भाजपा सरकार के खिलाफ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी. इस घोषणा के बाद साफ हो गया है कि आने वाला मानसून सत्र काफी हंगामेदार रहने वाला है. कांग्रेस महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना चुकी है. वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के आरोपों को नकार दिया है. ऐसे में सदन के भीतर और बाहर तीखी राजनीतिक टकराहट देखने को मिल सकती है.
कांग्रेस की रणनीति: अविश्वास प्रस्ताव से सरकार पर दबाव
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने घोषणा की है कि कांग्रेस पूरी तैयारी के साथ विधानसभा में भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी. उनका कहना है कि सरकार को ढाई साल का पर्याप्त समय दिया गया, लेकिन वह जन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी.
महंगाई और कानून व्यवस्था प्रमुख मुद्दे
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह महंगाई, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने वाली है. महंत ने आरोप लगाया कि इन सभी मोर्चों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है.
“सड़क से सदन तक संघर्ष” का ऐलान
चरणदास महंत ने कहा कि कांग्रेस अब सिर्फ विधानसभा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी. उन्होंने दावा किया कि जनता को राहत नहीं मिल रही है और सरकार लोगों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है.
सीएम विष्णुदेव साय का पलटवार
कांग्रेस की घोषणा पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष का काम ही सरकार के हर फैसले पर सवाल उठाना है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष अपनी भूमिका निभाता है, लेकिन सरकार जनता के हित में लगातार काम कर रही है और लगाए गए आरोप निराधार हैं.
संख्या बल पर सरकार मजबूत
हालांकि अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासत गरम है, लेकिन संख्या बल के आधार पर सरकार पर तत्काल खतरा नजर नहीं आता. फिर भी यह प्रस्ताव राजनीतिक रूप से सरकार के लिए चुनौती और विपक्ष के लिए बड़ा अवसर बन सकता है.
मानसून सत्र में टकराव तय
आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर जोरदार बहस और हंगामे के आसार हैं. कांग्रेस जहां सरकार को कटघरे में खड़ा करने की तैयारी में है, वहीं भाजपा जवाब देने के लिए तैयार है.
राजनीतिक माहौल में बढ़ी गर्मी
सत्र से पहले ही बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में राजनीतिक माहौल और गरमाने वाला है.
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