रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे रामगोपाल अग्रवाल कथित 540 करोड़ के कोल लेवी घोटाले के मामले में राज्य की जांच एजेंसी EOW के शिकंजे में हैं. सियासी गालियारों में चर्चा है कि 8 दिन की रिमांड में रामगोपाल कई राज खोल सकते हैं और घोटाले की जांच की आंच बड़े नेताओं तक भी पहुंच सकती है. हालांकि, कांग्रेस इस गिरफ्तारी के बाद आक्रामक नजर आ रही है. पार्टी की ओर से कई जिलों में प्रदर्शन किए जा रहे हैं.
क्या बोले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज?
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने मामले को लेकर कहा- "कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की एसीबी और ईओडब्ल्यू के द्वारा की गई गिरफ्तारी भाजपा सरकार का राजनैतिक षड्यंत्र है. विधानसभा चुनाव के समय से ही भाजपा केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ षड्यंत्र करती रही है. पहले केंद्रीय एजेंसियों को इस काम में लगाया गया और अब राज्य की जांच एजेंसी के माध्यम से षड्यंत्र किया जा रहा है."

रामगोपाल अग्रवाल कांग्रेस नेताओं के साथ.
सीएम विष्णुदेव साय ने क्या कहा ?
कांग्रेस के इन आरोपों पर सूबे के मुखिया का दो टूक जवाब आया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा, "कई आपराधिक मामलों की जांच हो रही है और जो भी दोषी पाए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है. यदि किसी को यह लगता है कि किसी निर्दोष को फंसाया गया है, तो उनके लिए सभी वैधानिक रास्ते खुले हैं."
कोल घोटाले को लेकर जांच एजेंसियों के दावे क्या?
- साल 2020 से 2022 के बीच छत्तीसगढ़ में कोयले की अवैध लेवी वसूली और ट्रांसपोर्ट में करोड़ों का घोटाला हुआ.
- कोयले के परिवहन में 25 रुपये प्रति टन अवैध वसूली की गई.
- घोटाले के लिए नेता, अधिकारी, कारोबारी और ट्रांसपोर्टर का सिंडिकेट बनाया गया.
- सभी ने मिलकर 540 करोड़ से ज्यादा का घोटाला कयिा
- घोटाले के पैसे का उपयोग चुनाव में भी करने का आरोप.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं