विज्ञापन

'भोजशाला के लिए कई लोगों ने अपनी जवानी खपा दी', हिंदुओं के पक्ष में फैसले के बाद भावुक हुए आंदोलनकारी

Bhojshala Happy Moment for Hindu Activist: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के भोजशाला फैसले के बाद हिंदू समाज में जश्न का माहौल है. वर्षों की लंबी लड़ाई और इंतजार के बाद अब वाग्देवी मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना का रास्ता साफ हुआ है.

भोज उत्सव समिति के सदस्य राजेश शुक्ला सुबह वाग्देवी मंदिर में पूजा करने पहुंचे.

Bhojshala Verdict: भोजशाला पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद हिंदू समाज में खुशी का माहौल है. वर्षों के इंतजार और लंबी लड़ाई के बाद उन्हें वाग्देवी मंदिर में नियमित पूजा-अर्चना करने का मौका मिलेगा. भोजशाला को अपने प्रारूप में लाने के लिए लंबे समय से लड़ने वाले आंदोलनकारी भावुक हो गए. उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया. भोजशाला पहुंचे श्रद्धालुओं ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई लोगों ने अपनी जान तक गंवा दी. भावुक आंदोलनकारियों का कहना है कि भोजशाला के लिए लड़ने का इतिहास इतना लंबा है कि इसके संघर्ष में कई लोगों ने अपनी जवानी खपी दी.

हिंदू पक्ष में फैसला आने के बाद आंदोलनकारियों ने कहा दो-तीन पीढ़ियों से चला आ रहा संघर्ष अब जाकर पूरा हुआ है. उन्होंने भोजशाला को सरस्वती लोक बनाने की मांग की.

Latest and Breaking News on NDTV

जान गंवाने वालों के लिए श्रद्धांजलि अर्पित की

भोज उत्सव समिति के सदस्य राजेश शुक्ला ने न्यायालय के आदेश का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया. धार के लोगों के संघर्ष की बदौलत, सदियों बाद आज यह दिन आया है जब हम बिना किसी बाधा के देवी की पूजा-अर्चना कर पा रहे हैं. उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की. राजेश शुक्ला ने कहा कि फिलहाल प्रतीकात्मक रूप से मां वाग्देवी की पूजा की जा रही है, लेकिन उन्हें उस दिन का इंतजार है जब मां वाग्देवी की प्रतिमा लंदन से वापस आकर यहां स्थापित होगी.

Latest and Breaking News on NDTV

हर पत्थर मंदिर का प्रमाण

वहीं, हिंदू नेता अशोक जैन ने कहा कि भोजशाला के हर पत्थर पर प्रमाण है कि यह मंदिर है. हमें वर्षों से विश्वास था कि हिंदू समाज की जीत होगी. भोजशाला में ऐसी आकृति, शिलालेख, खंडित मूर्ति थीं, जिससे पता चलता था कि यह मंदिर है. हमने प्रतिकूल परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी. जब सरकार ने नहीं सुनी, तब उसका भी विरोध किया. हमने धर्म की लड़ाई लड़ी है.

बरसों का संघर्ष आज पूरा हुआ

90 साल के हिंदू नेता विमल गोधा ने कहा कि भोजशाला को लेकर दो-तीन पीढ़ियों से संघर्ष चला आ रहा था, जो अब पूरा हो गया. इसके लिए हम मैदान पर भी उतरे और लाठियां खाईं, लेकिन हमने अपना संघर्ष जारी रखा. उन्होंने कहा कि भोजशाला की मुक्ति का आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हम पूरा उसपर पूरा हक नहीं ले लेते.

Latest and Breaking News on NDTV

भोजशाला में मंगलवार को करेंगे सत्याग्रह

आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता गोपाल शर्मा ने भी कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक जीत बताया. उन्होंने कहा कि वह वर्षों से धर्म की लड़ाई लड़ते आ रहे थे, जिसमें हमने की राजनीति नहीं की. एएसआई के आदेश के बाद हिंदू समाज ने सत्याग्रह किया और हर मंगलवार को पूजा की. उसी के चलते इस वर्ष वसंत पंचमी पर हमने पहली जीत दर्ज की थी, जहां शुक्रवार (23 जनवरी) को वसंत पंचमी के दिन अखंड पूजा हुई. उनका कहना है कि इस मंगलवार को भी भोजशाला में सत्याग्रह करेंगे.

ये भी पढ़ें- 'भोजशाला के लिए कई लोगों ने अपनी जवानी खपा दी', हिंदुओं के पक्ष में फैसले के बाद भावुक हुए आंदोलनकारी

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com