विज्ञापन

543 करोड़ का सर्विस रोड फाइलों में कैद! 5 साल से हो रहा इंतजार, इंदौर बायपास पर जनता जाम से बेहाल

इंदौर बायपास पर 543 करोड़ रुपये का 4-लेन सर्विस रोड प्रोजेक्ट पिछले 5 साल से अटका हुआ है. डीपीआर तैयार होने के बावजूद बजट और जिम्मेदारी को लेकर सहमति नहीं बन सकी. NHAI और नगर निगम के बीच फंसी परियोजना के कारण रोजाना ट्रैफिक जाम से लोग परेशान हैं.

543 करोड़ का सर्विस रोड फाइलों में कैद! 5 साल से हो रहा इंतजार, इंदौर बायपास पर जनता जाम से बेहाल

इंदौर बायपास पर रोज लगने वाले लंबे जाम से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन इस समस्या के समाधान के लिए तैयार किया गया 543 करोड़ रुपये का 4-लेन सर्विस रोड प्रोजेक्ट पिछले पांच साल से कागजों में ही अटका हुआ है. बायपास के दोनों ओर करीब 32-32 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड बनाने की योजना तैयार होने से लेकर डीपीआर बनने तक की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदारी और बजट को लेकर अब तक सहमति नहीं बन सकी है. नतीजा यह है कि जिस परियोजना से ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होने और शहर के विकास को गति मिलने की उम्मीद थी, वह अब भी फाइलों में कैद है और आम लोग रोजाना जाम का सामना करने को मजबूर हैं.

पांच साल पुरानी योजना फिर अधर में

इंदौर बायपास के दोनों ओर 4-लेन सर्विस रोड बनाने की योजना वर्ष 2021-22 में तैयार की थी. इसके तहत बायपास के दोनों तरफ करीब 32-32 किलोमीटर लंबी सर्विस रोड विकसित की जानी थी. योजना का मकसद मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और स्थानीय वाहनों के लिए अलग रास्ता उपलब्ध कराना था. हालांकि शुरुआती तैयारी के बाद भी प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका.

डीपीआर बनी, लेकिन नहीं मिला बजट

परियोजना के लिए करीब 543 करोड़ रुपये की लागत का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) भी तैयार किया. इसके बावजूद धनराशि की व्यवस्था नहीं हो सकी. बजट स्वीकृत न होने के कारण पूरा प्रोजेक्ट ठहर गया. इसी वजह से लंबे समय से प्रस्तावित इस महत्वपूर्ण योजना पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है.

डीनोटिफिकेशन के बाद भी नहीं बनी राह

वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने बायपास के दोनों ओर 45-45 मीटर कंट्रोल एरिया को डीनोटिफाई करने की मंजूरी दी थी. माना जा रहा था कि इस फैसले के बाद परियोजना को गति मिलेगी और निर्माण का रास्ता साफ होगा. लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय स्तर पर सहमति नहीं बनने के कारण स्थिति जस की तस बनी हुई है.

NHAI ने नगर निगम को सौंपी जिम्मेदारी

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस परियोजना की जिम्मेदारी नगर निगम को उठाने का सुझाव दिया. NHAI का तर्क है कि बायपास पर पहले से दो लेन की सर्विस रोड बनाई जा चुकी है और संबंधित क्षेत्र अब नगर निगम की सीमा में आता है. ऐसे में आगे के विस्तार और विकास की जिम्मेदारी स्थानीय निकाय को लेनी चाहिए.

अब अर्बन चैलेंज फंड से उम्मीद

प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए नगर निगम अब अर्बन चैलेंज फंड से आर्थिक सहायता प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है. इसके लिए नया प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. अधिकारियों को उम्मीद है कि यदि फंड से राशि मंजूर हो जाती है तो लंबे समय से लंबित यह परियोजना पटरी पर लौट सकती है.

जाम से राहत और विकास को मिलेगी रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि 4-लेन सर्विस रोड बनने से बायपास पर लगने वाले रोजाना के जाम में काफी कमी आएगी. भारी वाहनों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध होने से मुख्य सड़क पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा. इसके अलावा बायपास क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और शहरी विकास को नई गति मिलने की भी संभावना है. 

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Indore  News, Traffic Jam, NHAI Road, Infrastructure Development, Madhya Pradesh News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com