मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश अब जानलेवा साबित होने लगी है. राजगढ़ जिले में सोमवार सुबह हुआ एक दर्दनाक हादसा कई परिवारों की खुशियां अपने साथ बहा ले गया. तेज बहाव वाले नाले को पार करने की कोशिश के दौरान एक ईको वैन पानी में समा गई, जिससे एक ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई. इस हादसे ने न सिर्फ देवास जिले के धांसड़ गांव को गहरे सदमे में डाल दिया, बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया. हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है.
तेज बहाव में नाले में बह गई वैन
राजगढ़ जिले के पड़ाना क्षेत्र में सोमवार सुबह यह हादसा हुआ. देवास जिले के सतवास तहसील के ग्राम धांसड़ का एक परिवार ईको वैन से कड़लावद जा रहा था. बताया गया है कि झिरी नाले पर निर्माणाधीन पुल के पास पानी का तेज बहाव था. इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर नाले में बह गया. वैन में कुल 11 लोग सवार थे, जिनमें से नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे.
एक ही परिवार के 9 लोगों की गई जान
हादसे में शंकर चौहान, उनकी पत्नी सागर बाई, बेटा विशाल, बहू पूजा, बेटी महक, दामाद हुकम सिंह, उनकी पत्नी रीनू और उनके दो बच्चे राजवीर तथा जसप्रीत की मौत हो गई. एक ही परिवार के इतने लोगों के एक साथ निधन की खबर से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई.
हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों और ग्रामीणों में कोहराम मच गया. धांसड़ गांव में हर घर शोक में डूबा नजर आया. परिवार के सदस्यों की अचानक हुई मौत से गांव का माहौल गमगीन हो गया है. लोगों को अब भी यकीन नहीं हो रहा कि कुछ ही पलों में पूरा परिवार उजड़ गया.
विधायक ने परिजनों से की मुलाकात
दर्दनाक हादसे की जानकारी मिलने के बाद बागली विधायक मुरली भंवरा धांसड़ गांव पहुंचे. उन्होंने पीड़ित परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की. साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.
राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को राहत देने का फैसला लिया है. शासन की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. प्रशासन ने सहायता राशि की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी दी है.
देर रात सतवास पहुंचेंगे शव
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के शव देर रात सतवास लाए जाने की तैयारी की. इसके बाद मंगलवार सुबह शवों को धांसड़ और किटी गांव ले जाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा. अंतिम विदाई के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया शोक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि राजगढ़ जिले के पचोर-सारंगपुर मार्ग पर बारिश के कारण हुई दुर्घटना में लोगों की मौत का समाचार अत्यंत दुखद है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की.
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