मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां जादू-टोने के शक में 12 साल के मासूम की बेरहमी से हत्या कर दी. आरोपियों ने पहले बच्चे को बहाने से अपने साथ ले गए, फिर लोहे की रॉड से हमला किया और रस्सी से गला घोंटकर उसकी जान ले ली. हैवानियत यहीं नहीं रुकी, उन्होंने शव को बोरी में भरकर जंगल के नाले में फेंक दिया. पुलिस ने महज 48 घंटे में इस सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
लापता होने के बाद सामने आया मामला
मुलताई थाना क्षेत्र के ग्राम ताईखेड़ा निवासी संगीता आहके ने अपने 12 वर्षीय बेटे अंकुश के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. बच्चे को आखिरी बार गांव के ही सुदामा इनवाती के साथ देखा गया था. परिजन उसे तलाशते रहे, लेकिन जब वह नहीं मिला तो पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस जांच में खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई. तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जब संदिग्धों से पूछताछ की गई तो सुदामा इनवाती पर शक गहराया. कड़ाई से हुई पूछताछ में उसने अपने साथी राकेश उइके के साथ मिलकर हत्या करने की बात कबूल कर ली.
अंधविश्वास में की गई निर्मम हत्या
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्हें अंकुश की मां पर जादू-टोना करने का संदेह था. इसी अंधविश्वास में उन्होंने पहले बच्चे को अपने साथ बुलाया, फिर लोहे की रॉड से वार किया और बाद में रस्सी से गला घोंट दिया. यह हत्या पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी.
शव को नाले में छुपाया
हत्या के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए शव को बोरी में बांधा और सालईढाना के जंगल में एक नाले में फेंक दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया. परिजनों ने शव की पहचान अंकुश आहके के रूप में की. पुलिस ने सुदामा इनवाती और राकेश उइके को गिरफ्तार कर लिया है. दोनों को अदालत में पेश कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है.
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