- कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर नया अपडेट है. केंद्र सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है.
- इस एक्सप्रेसवे से कानपुर और बुंदेलखंड के बीच हाईस्पीड कनेक्टिविटी हो जाएगी.
- इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने 7145.14 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है.
कानपुर से हमीरपुर, सुमेरपुर, महोबा और कबरई की 4 घंटे की दूरी अब महज 1.5 घंटे में पूरी होने वाली है. क्योंकि कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को केंद्रीय कैबिनेट की तरफ से मंजूरी मिल गई है. जिससे औद्योगिक नगरी कानपुर और बुंदेलखंड के बीच अब कनेक्टिविटी और मजबूत होने वाली है. इस एक्सप्रेसवे के लिए 7145.14 करोड़ रुपए का बजट केंद्र सरकार की तरफ से जारी किया गया है. यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश से मध्य प्रदेश की कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा. कानपुर से कबरई तक के सफर में 93 से ज्यादा गांव आते हैं, ऐसे में इस एक्सप्रेसवे के बनने से इन गांवों की तस्वीर बदलने वाली है. यह प्रोजेक्ट बुंदेलखंड के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में गेम-चेंजर साबित होगा.
डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे कानपुर से कबरई
कानपुर से कबरई पहुंचने में अभी 4 से साढ़े 4 घंटे का समय लगता है. फिलहाल यात्री मुख्य रूप से एनएच-34 का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन यहां भारी ट्रैफिक और आए दिन लगने वाले जाम से यात्रियों का कीमती समय बर्बाद होता है. लेकिन इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के बनने के बाद 4 घंटे का सफर घटकर 90 मिनट से 1 घंटे के बीच आ जाएगा. इस हाईवे पर 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां फर्राटे भरती हुई जाएगी. दरअसल, यह ग्रीनफील्ड हाईवे भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का अहम हिस्सा है. जिसे केंद्र सरकार की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है.
The Union Cabinet has approved the construction of the 117.7 km Kanpur–Kabrai Access-Controlled Greenfield Highway, forming a key segment of the Bhopal–Kanpur Economic Corridor under the National Highways (O) Programme.
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) July 1, 2026
Designed for operating speeds of 80–100 kmph, the corridor… pic.twitter.com/0UuFa0kJFt
यूपी के इन शहरों से गुजरेगा
- कानपुर नगर
- फतेहपुर
- हमीरपुर
- महोबा
- कबरई
कानपुर-कबरई हाईवे का बजट
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए केंद्र सरकार ने 7145.14 करोड़ रुपए का बजट मंजूर किया है. इस विश्वस्तरीय 4-लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए यूपी के 4 जिलों के करीब 94 गांवों की 1139 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है. इसके निर्माण में पर्यावरण मंजूरियों का पूरा ध्यान रखे जाएगा. इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ इसके मार्ग में आने वाले 93 गांवों को मिलने वाला है, जो अब तक विकास की दौड़ में थोड़े पीछे थे. जिसमें कानपुर के 49 गांव हमीरपुर के 35 गांव और महोबा के 9 गांवों को सीधा फायदा होगा.
𝐊𝐚𝐧𝐩𝐮𝐫-𝐊𝐚𝐛𝐫𝐚𝐢 𝐄𝐱𝐩𝐫𝐞𝐬𝐬𝐰𝐚𝐲 𝐮𝐩𝐝𝐚𝐭𝐞 𝐟𝐫𝐨𝐦 𝐔𝐭𝐭𝐚𝐫 𝐏𝐫𝐚𝐝𝐞𝐬𝐡.
— Infra News India (INI) (@TheINIofficial) July 2, 2026
The Union Cabinet has given its final approval for the upcoming 117 km 4-lane access-controlled greenfield Kanpur-Kabrai Expressway in Uttar Pradesh.
The construction bids for this… pic.twitter.com/Pcu3TaNaqH
कानपुर-कबरई एक्सप्रेसवे की खास बातें
- यह पूरी तरह से एक नया 117.7 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड का नया रूट वाला एक्सप्रेसवे होगा.
- शुरुआत में इसे 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल बनाया जाएगा.
- भविष्य में ट्रैफिक बढ़ने पर इसे आसानी से 6-लेन में बदला जा सकेगा. पूरे मार्ग पर कुल 8 इंटरचेंज बनाए जाएंगे.
- यह एक्सप्रेस-वे कानपुर रिंग रोड के मगरासा से शुरू होकर बांदा-रायबरेली मार्ग पर कबरई तक जाएगा.
- यह एक्सप्रेसवे सीधे तौर पर पुखरायां-घाटमपुर-बिंदकी मार्ग, हमीरपुर-कालपी रोड, हमीरपुर-राठ मार्ग और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट हो जाएगा.
The Union Cabinet approved development of Kanpur–Kabrai Corridor, which is set to become a key driver of economic growth across Uttar Pradesh and adjoining regions.
— NHAI (@NHAI_Official) July 7, 2026
By improving connectivity to the Kabrai mining belt, industrial clusters and major logistics hubs, the corridor… pic.twitter.com/8KTx4025xN
उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश की बढ़ेगी कनेक्टिविटी
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी. पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान के तहत यह हाईवे रूमा, जैनपुर, चकेरी और सुमेरपुर जैसे 16 बड़े औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों को आपस में जोड़ेगा. चकेरी और खजुराहो एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान हो जाएगी. परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है. निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे पूरा करने के लिए ढाई साल यानि 30 महीने का समय तय किया गया है, जिसके 2028-2029 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है.
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