Opium Cultivation Case Chhattisgarh: अफीम की अवैध खेती (Afeem ki kheti) के मामले में छत्तीसगढ़ में सियासत फिर गर्म हो गई है. पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने भाजपा सरकार (BJP Governmment) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस इंटेलिजेंस और राजस्व विभाग पूरी तरह फेल साबित हुए हैं. उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार 3 मार्च को पूरे गांव को अफीम की खेती का पता चल चुका था, लेकिन प्रशासन ने तीन दिनों तक कोई कार्रवाई नहीं की. साहू ने आरोप लगाया कि 5 मार्च को समोदा के सरपंच ने अफीम की तस्वीर पुलिस को भेजकर सूचना दी, फिर भी पुलिस हरकत में नहीं आई. उनके मुताबिक, 6 मार्च को जब सरपंच ने LIB को सूचना दी, तभी कार्रवाई शुरू की गई. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल‑फूल रहा था.
गृहमंत्री विजय शर्मा इस्तीफ़ा दें!!
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) March 10, 2026
बलरामपुर में जहां अफ़ीम पकड़ी गई है, उस गांव के सरपंच को सुनिए.
सरपंच का कहना है कि यहाँ अफ़ीम की खेती होने की सूचना उसने जनवरी में ही पुलिस को दी थी. लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई.
देश और प्रदेश देख रहा है जिस तरीके से दुर्ग में भाजपा… https://t.co/LX1SueLtRe pic.twitter.com/RFBXNGuFMZ
‘दोनों आरोपी पहले से अलर्ट कर दिए गए'
पूर्व मंत्री ने आशंका जताई कि अफीम खेती मामले के मुख्य आरोपी श्रवण विश्नोई और अचलाराम जाट को पहले ही जानकारी दे दी गई होगी, इसलिए वे फरार होने में सफल रहे. उन्होंने कहा कि “किसी विभाग को जानकारी न हो, यह संभव ही नहीं. पुलिस की कार्रवाई जिस तरह होनी चाहिए, वह नहीं हो रही. मामले में सिर्फ लीपापोती की जा रही है और सरकार इस मुद्दे को बेहद हल्के में ले रही है.”
बहुत छिप लिए 'सुशासन' की आड़ में
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अब आ चुके हो जनता की रडार में...
"सूखा नशा" ही "सुशासन" है! pic.twitter.com/S6ruVCwsjR
अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग
ताम्रध्वज साहू ने इस मामले में विनायक ताम्रकार के भाई सहित पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि दोषियों पर “सख्त से सख्त कार्रवाई” होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई इस तरह की गतिविधि करने की हिम्मत न कर सके. पूर्व मंत्री ने बलरामपुर जिले में मिली अफीम की खेती का भी उल्लेख किया और चिंता जताई कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो छत्तीसगढ़ नशे का गढ़ बन सकता है. उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच हो.
पूर्व CM भूपेश बघेल ने ऐसे घेरा
अफ़ीम की खेती को गृहमंत्री का संरक्षण❗️❗️
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पूरा देश देख रहा है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार #अफ़ीम की खेती करने वाले भाजपा नेता को बचा रही है.
पूरा गृह विभाग उसके संरक्षण में लगाया गया है.
अफ़ीम उगाने वाले भाजपा नेता को मुख्य आरोपी तक नहीं बनाया गया है.
छत्तीसगढ़ को सूखे नशे का… pic.twitter.com/j2yDavnuhz
सरकार और प्रशासन के लिए बड़े सवाल
इस मामले ने राज्य की कानून‑व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि ग्रामीणों द्वारा बार‑बार सूचना देने के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की. विपक्ष का कहना है कि यदि सूचना मिलने के तुरंत बाद कार्रवाई होती, तो आरोपी पकड़े जा सकते थे और अफीम की बड़े पैमाने पर हो रही खेती का विस्तार रोका जा सकता था.
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