योगीनी एकादशी पर सभी पापों का नाश होता है और ऐसी ही पाप नाशिनी श्रीमद् भागवत ग्रंथ है. ऐतिहासिक शहर बुरहानपुर एक बार फिर अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को लेकर चर्चा में है. शहर के श्री गोकुल चंद्रमाजी जी मंदिर में आज भी करीब 220 वर्ष पुरानी हस्तलिखित श्रीमद्भागवत महापुराण सुरक्षित रखी गई है. संस्कृत भाषा में लिखी यह दुर्लभ पांडुलिपि न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय संस्कृति और प्राचीन ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर भी मानी जा रही है. खास बात यह है कि इस ग्रंथ की आज भी प्रतिदिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और भोग लगाया जाता है.
बुरहानपुर के प्राचीन श्री गोकुल चंद्रमां जी मंदिर में सुरक्षित रखी गई यह हस्तलिखित श्रीमद्भागवत महापुराण करीब 220 वर्ष पुरानी बताई जाती है. लगभग 2 फीट लंबे इस ग्रंथ को संस्कृत भाषा में पांडुलिपि शैली में लिखा गया है. ग्रंथ के अंतिम पृष्ठ पर संवत 1862 अंकित है, जबकि वर्तमान में संवत 2083 चल रहा है. इसी आधार पर इसकी आयु लगभग 220 वर्ष मानी जाती है. यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दस्तावेज भी है.
-
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
‘AI एक्टर्स इंसानी एक्टर्स की जगह नहीं ले सकते’, बोलीं एलाइन वैन डेर वेल्डन -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
नो इंडियंस अलाउड से मेयर तक का सफर, NDTV समिट में रोहतक से लंदन गई मां-बेटे की जोड़ी ने बताई अपनी जर्नी -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न -
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज

मंदिर परिवार की है इस ग्रंथ के संरक्षण की जिम्मेदारी
मंदिर से जुड़े भागवत भूषण हरिकृष्ण मुखिया ने अपने जीवनकाल में 301 श्रीमद्भागवत कथाओं का वाचन किया. अब उनके पुत्र आदित्य मुखिया इस दुर्लभ ग्रंथ की सेवा और संरक्षण की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. मंदिर में आज भी इस पवित्र श्रीमद्भागवत की प्रतिदिन पूजा-अर्चना की जाती है और श्रद्धापूर्वक भोग लगाया जाता है. मंदिर परिवार का मानना है कि श्रीमद्भागवत के प्रत्येक श्लोक और प्रत्येक शब्द में भगवान श्रीकृष्ण का वास है और हर सनातनी को इस ग्रंथ का अध्ययन करना चाहिए.


'ज्ञान भारतम्' डिजिटल प्लेटफॉर्म है पांडुलिपियां का आर्काइव
भारत सरकार भी देश की ऐसी अमूल्य पांडुलिपियों के संरक्षण के लिए प्रयासरत है. 'ज्ञान भारतम्' डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर की प्राचीन पांडुलिपियों का डिजिटल आर्काइव तैयार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश के शोधकर्ता और विद्यार्थी भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़ सकें. ऐसे समय में बुरहानपुर के इस मंदिर में सुरक्षित 220 वर्ष पुरानी श्रीमद्भागवत न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारतीय संस्कृति और विरासत की एक अनमोल धरोहर भी है.
ये भी पढ़ें- लाडली बहना योजना: आज CM जारी करेंगे MP की बहनों के लिए 38वीं किस्त, खाते में आएंगे 1500 रुपये
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं