विज्ञापन

Zero Temple: ऐसा प्राचीन मंदिर, जहां दुनिया में पहली बार पत्थर पर लिखा गया था '0', जिसने बदल दी पूरी दुनिया की गणित

Zero Temple: हम रोजमर्रा की जिंदगी में जिन अंकों का इस्तेमाल करते हैं, उनमें '0' (शून्य) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. बैंकिंग से लेकर कंप्यूटर, अंतरिक्ष विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, आधुनिक तकनीक की नींव शून्य पर टिकी है.

Zero Temple: ऐसा प्राचीन मंदिर, जहां दुनिया में पहली बार पत्थर पर लिखा गया था '0', जिसने बदल दी पूरी दुनिया की गणित

Zero Temple: हम रोजमर्रा की जिंदगी में जिन अंकों का इस्तेमाल करते हैं, उनमें '0' (शून्य) सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. बैंकिंग से लेकर कंप्यूटर, अंतरिक्ष विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, आधुनिक तकनीक की नींव शून्य पर टिकी है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में पत्थर पर उकेरे गए '0' के सबसे प्राचीन उदाहरणों में से एक भारत के एक मंदिर में मौजूद है. यह ऐतिहासिक धरोहर कहां है और क्‍यों इतनी खास है, जानें. 

ग्वालियर किले में स्थित है चतुर्भुज मंदिर

चतुर्भुज मंदिर मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक ग्वालियर किले के परिसर में स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर है. इतिहासकारों के अनुसार, इसका निर्माण लगभग 875–876 ईस्वी के आसपास गुर्जर-प्रतिहार काल में हुआ था. मंदिर भगवान विष्णु के चतुर्भुज स्वरूप को समर्पित है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी पहचान इसकी दीवार पर अंकित वह शिलालेख है, जिसमें आधुनिक आकार के '0' का शुरुआती उदाहरण मिलता है. 

शिलालेख में क्या खास है

मंदिर की दीवार पर संस्कृत में एक शिलालेख अंकित है, जिसमें भूमि दान और फूलों की माला से जुड़ी जानकारी दर्ज है. इस शिलालेख में 270 और 50 जैसी संख्याएं लिखी गई हैं, जिनमें '0' का प्रयोग आज के गोलाकार शून्य की तरह दिखाई देता है. यही वजह है कि इसे शून्य के सबसे पुराने पत्थर पर उकेरे गए प्रमाणों में गिना जाता है. 

क्या यहीं हुआ था शून्य का आविष्कार

ऐसा प्रमाण मिलते हैं कि प्राचीन भारतीय गणितज्ञ शून्य की अवधारणा का उपयोग इससे पहले भी करते थे. प्राचीन ग्रंथों में इसके प्रमाण मिलते हैं. हालांकि चतुर्भुज मंदिर का शिलालेख आधुनिक गोलाकार '0' के सबसे पुराने सुरक्षित पत्थर के प्रमाणों में से एक माना जाता है. 

शून्य ने कैसे बदल दी दुनिया

शून्य केवल एक अंक नहीं है, बल्कि दशमलव स्थानमान (Decimal Place Value System) की आधारशिला है. इसके बिना बड़ी संख्याएं लिखना और जटिल गणनाएं करना लगभग असंभव होता. आज जिन क्षेत्रों में शून्य की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है, उनमें शामिल हैं- गणित और बीजगणित,  कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और डिजिटल तकनीक, बैंकिंग और वित्तीय प्रणाली, विज्ञान और इंजीनियरिंग, अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आदि. 

जहां छात्र कर रहे हैं प्रदर्शन, दिल्‍ली के जंतर-मंतर के बारे में ये 10 बातें नहीं जानते होंगे आप

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Zero, Gwalior Hindi News, Do You Know, Do You Know Facts, Do You Know Facts In Hindi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com