कॉकरोच जनता पार्टी के पदाधिकारियों को पुलिस ने इस बार हिरासत में नहीं लिया है, बल्कि उन्हें प्रिवेंटिव अरेस्ट पर रखा गया है. इसमें सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे जैसे नाम शामिल हैं. तीनों को जंतर-मंतर में बिना इजाजत घुसने के आरोप में प्रिवेंटिव अरेस्ट किया गया है. इसके बाद सभी को पांच दिन की न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया गया है. ऐसे में आइए जानते हैं कि अरेस्ट और प्रिवेंटिव अरेस्ट में क्या अंतर होता है और ये गिरफ्तारी से कितना अलग है.
क्या होता है प्रिवेंटिव अरेस्ट?
गिरफ्तारी के बाद किसी भी शख्स को कोर्ट में पेश करना होता है और कोर्ट उसे न्यायिक हिरासत में भेजता है. हालांकि प्रिवेंटिव अरेस्ट में बिना किसी कोर्ट या फिर ट्रायल के किसी भी शख्स को तीन महीने तक जेल में रखा जा सकता है. इसका मकसद किसी भी बड़े अपराध या फिर प्रदर्शन को रोकना हो सकता है. इसमें किसी भी शख्स को अपराध करने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया जाता है, जिससे वो आने वाले दिनों में वो काम नहीं कर पाए, जो वो चाहता है. पुलिस इसे एहतियाती कदम बताती है. किसी भी तरह के पब्लिक ऑर्डर, सिक्योरिटी या फिर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति में इस तरह की गिरफ्तारियां की जा सकती हैं.
अरेस्ट और प्रिवेंटिव अरेस्ट में अंतर
गिरफ्तारी में किसी भी शख्स को उसके किए गए अपराध की सजा दी जाती है और जेल भेजा जाता है. वहीं प्रिवेंटिव अरेस्ट में अपराध से पहले ही व्यक्ति को हिरासत में ले लिया जाता है. इसमें व्यक्ति के किसी अपराध करने की आशंका होती है. गिरफ्तारी में जहां मजिस्ट्रेट के आदेश के बाद ही व्यक्ति को जेल भेजा जा सकता है, वहीं प्रिवेंटिव अरेस्ट में पुलिस ही जेल भेज सकती है. आम गिरफ्तारी के मुकाबले प्रिवेंटिव अरेस्ट में जमानत मिलना काफी मुश्किल होता है.
सीजेपी नेताओं ने किया बेल बॉन्ड का उल्लंघन
कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को पहले भी हिरासत में लिया गया था, इसके बाद मजिस्ट्रेट ने उन्हें कुछ शर्तों पर जमानत दी थी. इसमें कहा गया था कि वो अगले एक साल तक किसी भी ऐसे प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे, जिससे किसी भी तरह का खतरा पैदा हो. इसके लिए एक बेल बॉन्ड साइन कराया गया था, लेकिन सीजेपी नेताओं ने इसके बाद भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन किया. यही वजह है कि अब पुलिस ने उनके खिलाफ प्रिवेंटिव अरेस्ट जैसे तरीका का इस्तेमाल किया है.
यह भी पढ़ें | 3.5 लाख रुपये महीने का ऑफर और 100% प्लेसमेंट, IIM लखनऊ में दिग्गज कंपनियों ने खोला खजाना
यह भी पढ़ें | 'आखिरी मिनट में तैयार होना चाहिए क्वेश्चन पेपर', NEET पेपर लीक पर बोले नंदन नीलेकणि
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं