Marathi Test : महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चलाने वाले ड्राइवर्स के लिए मराठी भाषा अब सिर्फ बातचीत तक सीमित मामला नहीं रह गया है. राज्य सरकार ने कमर्शियल पैसेंजर ट्रांसपोर्ट ड्राइवर्स के लिए मराठी की बुनियादी जानकारी को जरूरी किया है. इसके लिए ड्राइवर्स को मराठी सीखने और ट्रेनिंग पूरी करने का मौका दिया गया था. अब इस नियम को लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. ऐसे में मुंबई और आसपास ऑटो-टैक्सी चलाने वाले कई ड्राइवर्स के मन में यह सवाल है कि आखिर यह मराठी टेस्ट है क्या, इसमें क्या देखा जाएगा और अगर कोई ड्राइवर मराठी नहीं जानता तो उसके लाइसेंस पर क्या असर पड़ेगा.
क्या है मराठी टेस्ट?
यह कोई बहुत मुश्किल परीक्षा नहीं है. इसका मकसद ड्राइवर्स की बेसिक मराठी भाषा की जानकारी और बातचीत करने की क्षमता देखना है. सरकार की ओर से इसके लिए भाषा सीखने की ट्रेनिंग भी कराई गई है. हाल के अभियान में करीब 1.25 लाख ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स ने मराठी की ट्रेनिंग पूरी कर सर्टिफिकेट हासिल किया है. यानी ड्राइवर्स से ऐसी मराठी की उम्मीद की जा रही है, जिससे वे यात्रियों के साथ रोजमर्रा की बातचीत कर सकें और उनकी बात समझ सकें. इसे लेकर राज्य में पहले से लागू भाषा संबंधी नियमों को अब ज्यादा सख्ती से लागू किया जा रहा है.
मराठी नहीं आती तो तुरंत लाइसेंस नहीं जाएगा
मराठी नहीं जानने वाले ड्राइवर का लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किया जाएगा. परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मुताबिक, पहले ऐसे ड्राइवर को 30 दिन का नोटिस दिया जाएगा, ताकि वह जरूरी मराठी सीख सके. अगर नोटिस की अवधि के बाद भी वह तय जरूरत पूरी नहीं करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है. अगर निलंबन के बाद भी ड्राइवर नियम का पालन नहीं करता है, तो उसका लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जा सकता है. यानी कार्रवाई तीन चरणों में आगे बढ़ेगी: नोटिस, तीन महीने का निलंबन और फिर स्थायी रद्दीकरण.
1.25 लाख ड्राइवर्स को राहत
सरकार की ओर से चलाए गए 105 दिन के मराठी भाषा अभियान में करीब 1.25 लाख ऑटो-टैक्सी ड्राइवर्स ने ट्रेनिंग पूरी कर परीक्षा पास की और सर्टिफिकेट हासिल किया. ऐसे ड्राइवर्स पर इस प्रावधान के तहत कार्रवाई नहीं होगी. सरकार का कहना है कि इस पहल का मकसद गैर-मराठी लोगों को निशाना बनाना नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में रहने और काम करने वाले लोगों को स्थानीय भाषा सीखने के लिए प्रोत्साहित करना है.
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