शनिवार को एशियाई खेलों के फ़ाइनल में जब भारत का सामना अपने कड़े प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा, तो एक बार फिर हाथ मिलाने का सवाल सामने आएगा. यह साफ़ नहीं है कि क्या खिलाड़ी एक-दूसरे का अभिवादन करेंगे, जैसा कि दूसरे खेलों के खिलाड़ियों ने अब तक किया है. गुरुवार को सेमीफ़ाइनल में श्रीलंका पर भारत की 124 रन की जीत ने इस मुक़ाबले का मंच तैयार किया, जो मैदान पर होने वाले क्रिकेट के साथ-साथ मैदान के बाहर के ड्रामे के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है.
मैच से पहले एक बार फिर इस बात पर लंबी चर्चा होगी कि क्या दोनों टीमें हाथ मिलाएंगी या नहीं. पिछले साल 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद से, भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप और ICC इवेंट्स में पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने से इनकार किया है, ताकि वे भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता दिखा सकें. पाकिस्तान के साथ हाथ न मिलाने की यह नीति एशियन क्रिकेट काउंसिल और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के इवेंट्स में तो जारी रहेगी, लेकिन क्या इसे ओलंपिक काउंसिल ऑफ़ एशिया द्वारा एशियाड में भी लागू किया जाएगा?
एशियन गेम्स का आयोजन और संचालन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया करती है. ओसीए या इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के नियमों में खिलाड़ियों के लिए हाथ मिलाना ज़रूरी नहीं है, लेकिन इसे खेल भावना और अच्छे व्यवहार के नियमों का हिस्सा माना जाता है.
2016 के ओलंपिक में, मिस्र के जूडो खिलाड़ी इस्लाम अल शेहाबी ने इज़राइली खिलाड़ी ओर सैसन के साथ हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था. IOC ने उन पर जुर्माना तो नहीं लगाया, लेकिन "निष्पक्ष खेल और दोस्ती की भावना के नियमों" को तोड़ने के लिए उन्हें फटकार ज़रूर लगाई. आख़िरकार उन्हें उनकी अपनी टीम ने घर वापस भेज दिया.
चल रहे युद्ध के कारण, यूक्रेन के खिलाड़ियों ने भी अलग-अलग खेल इवेंट्स में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाने से इनकार किया है .अब यह देखना बाकी है कि क्या भारतीय क्रिकेट टीम मैनेजमेंट पुरानी नीति पर ही कायम रहती है या मैच के बाद पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हाथ मिलाती है. वैसे, जारी एशियाड में हिस्सा ले रहे दूसरे भारतीय खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों के साथ हाथ मिलाना कोई मुद्दा नहीं रहा है.
क्रिकेट के मामले में, फ़ाइनल के लिए नागोया पहुंचने के बाद बीसीसीआई सेक्रेटरी देवाजीत सैकिया इस पर फ़ैसला लेंगे. उम्मीद है कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी मैच देखने आएंगे.
एशियाई खेलों में चल रहे टेबल टेनिस और स्क्वैश मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों को अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों के साथ आम तौर पर हाथ मिलाते हुए देखा गया. फाइनल में चाहे जो भी हो, भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ियों को पोडियम शेयर करना ही होगा, ठीक वैसे ही जैसे पिछले हफ़्ते गोल्ड जीतने के बाद महिला टीम ने किया था. गोल्ड जीतने वाली महिला टीम ने टूर्नामेंट में ब्रॉन्ज़ मेडल जीतने वाली पाकिस्तान की टीम के साथ मैच नहीं खेला, लेकिन पोडियम उस देश की खिलाड़ियों के साथ शेयर किया. महिला फ़ाइनल में श्रीलंका, भारत के बाद दूसरे स्थान पर रहा.
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