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एफिल टावर पर बिजली गिरी, फिर भी क्यों नहीं हुआ कोई नुकसान? जानें इसके पीछे का साइंस

पेरिस में आए तूफान के दौरान एफिल टावर पर बिजली गिरने का वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो को देखने के बाद लोग हैरान हुए कि आखिर इतनी तेज बिजली गिरने के बावजूद टावर को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ.

एफिल टावर पर बिजली गिरी, फिर भी क्यों नहीं हुआ कोई नुकसान? जानें इसके पीछे का साइंस

पेरिस में आए तूफान के दौरान एफिल टावर पर बिजली गिरने का वीडियो वायरल हुआ है. इस वीडियो को देखने के बाद लोग हैरान हुए कि आखिर इतनी तेज बिजली गिरने के बावजूद टावर को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ. शायद आपको ये पता नहीं कि टावर पर बिजली गिरने की ये पहली घटना नहीं है.  

पेरिस में तूफान के दौरान दिखा नजारा

फ्रांस की राजधानी पेरिस में हाल ही में आए तेज तूफान के दौरान दुनिया की सबसे प्रसिद्ध इमारतों में से एक एफिल टावर पर बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. वीडियो में टावर के ऊपर आसमान से तेज चमक के साथ बिजली गिरती दिखाई देती है, जिसे देखकर लोग हैरान रह गए. हालांकि, इस घटना के बावजूद एफिल टावर को किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा. 

हर साल कई बार बिजली गिरती है एफिल टावर पर

एफिल टावर की ऊंचाई लगभग 330 मीटर है. इतनी ऊंची धातु की संरचना होने के कारण यह बादलों और जमीन के बीच बनने वाले विद्युत प्रवाह के लिए नॉर्मल टारगेट बन जाता है. यही वजह है कि इस पर हर साल कई बार बिजली गिरना सामान्य बात है. 

क्‍यों एफिल टावर पर नहीं गिरती बिजली 

विशेषज्ञों के अनुसार, एफिल टावर को बनाते समय ही इस बात का ध्यान रखा गया था कि वह बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक घटनाओं का सुरक्षित तरीके से सामना कर सके. एफिल टावर में अत्याधुनिक लाइटनिंग प्रोटेक्शन सिस्टम (Lightning Protection System) लगाया गया है. यह सिस्टम बिजली गिरने पर उसे पूरे ढांचे में फैलने नहीं देता, बल्कि एक तय रास्ते से सीधे जमीन तक पहुंचा देता है. 

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टावर के शीर्ष पर लगे धातु के कंडक्टर बिजली को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इसके बाद मोटी धातु की केबलों और विशेष अर्थिंग सिस्टम की मदद से पूरी विद्युत ऊर्जा सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर दी जाती है. इससे टावर की संरचना और उसमें लगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सुरक्षित रहते हैं. 

फैराडे केज का सिद्धांत भी देता है सुरक्षा

एफिल टावर की धातु संरचना फैराडे केज (Faraday Cage) के सिद्धांत पर भी काम करती है. इस सिद्धांत के अनुसार अगर किसी धातु की संरचना पर बिजली गिरती है, तो विद्युत धारा उसके बाहरी हिस्से से होकर गुजरती है और अंदर मौजूद लोगों या उपकरणों तक नहीं पहुंचती. 

इसी वजह से बिजली गिरने के बावजूद टावर के भीतर मौजूद पर्यटक आमतौर पर सुरक्षित रहते हैं. हालांकि, खराब मौसम के दौरान सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन कुछ समय के लिए टावर के ऊपरी हिस्सों को बंद भी कर सकता है. 

क्या बिजली से बिल्कुल भी नुकसान नहीं होता?

बिजली गिरने के बाद हर बार कोई नुकसान नहीं होगा, ऐसा कहना सही नहीं है. बहुत अधिक तीव्र बिजली गिरने की स्थिति में संचार उपकरणों या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पर असर पड़ सकता है. इसलिए एफिल टावर के बिजली सुरक्षा तंत्र का नियमित निरीक्षण और रखरखाव किया जाता है ताकि वह हर समय पूरी तरह कार्यशील रहे. 

दुनिया की दूसरी ऊंची इमारतें भी हैं सुरक्षित

सिर्फ एफिल टावर ही नहीं, बल्कि दुनिया की लगभग सभी ऊंची इमारतों और टावरों में इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था होती है. बुर्ज खलीफा, एम्पायर स्टेट बिल्डिंग, टीवी टावर और मोबाइल टावर भी आधुनिक लाइटनिंग प्रोटेक्शन सिस्टम से लैस होते हैं, जिससे बिजली का प्रवाह सुरक्षित रूप से जमीन तक पहुंच जाता है. 

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