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भारत की सबसे बड़ी मस्जिद कहां है? जामा मस्जिद नहीं, इस मस्जिद के नाम है रिकॉर्ड

भारत में सबसे बड़ी मस्जिद का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में एक ही नाम आता है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है. देश में मौजूद एक भव्य और ऐतिहासिक मस्जिद इस रिकॉर्ड की असली हकदार है.

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद कहां है? जामा मस्जिद नहीं, इस मस्जिद के नाम है रिकॉर्ड
ताज-उल-मस्जिद की बनावट मुगल वास्तुकला की खूबसूरती को दर्शाती है.

Largest Mosque : भारत में जब भी सबसे बड़ी मस्जिद की बात होती है, तो ज्यादातर लोग बिना सोचे एक ही नाम लेते हैं जामा मस्जिद. सालों से यही नाम लोगों की जुबान पर रहा है और यही आम धारणा बन चुकी है. लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है और सच्चाई जानकर आप चौंक सकते हैं. भारत में मौजूद एक ऐसी विशाल मस्जिद है, जो आकार, क्षमता और बनावट के मामले में सबको पीछे छोड़ देती है. दिलचस्प बात ये है कि ये मस्जिद न सिर्फ धार्मिक पहचान रखती है, बल्कि इतिहास और वास्तुकला का भी बड़ा उदाहरण मानी जाती है. यही वजह है कि ये नाम अब रिकॉर्ड में दर्ज है, लेकिन बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं.

कहां है भारत की सबसे बड़ी मस्जिद - Location Of India Largest Mosque

भारत की सबसे बड़ी मस्जिद मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित है. इस मस्जिद का नाम ताज-उल-मस्जिद है. ये मस्जिद सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में भी गिनी जाती है. ये भोपाल की ओल्ड सिटी में मौजूद है और दूर-दूर से लोग इसे देखने आते हैं. इसकी ऊंची मीनारें और विशाल गुंबद पहली नजर में ही मन को आकर्षित कर लेते हैं. कहा जाता है कि यहां एक साथ एक लाख से ज्यादा लोग नमाज अदा कर सकते हैं, जो इसे सबसे बड़ी मस्जिद बनाता है.

ताज-उल-मस्जिद की खासियत - Speciality Of Taj Ul Masjid

ताज-उल-मस्जिद की बनावट मुगल वास्तुकला की खूबसूरती को दर्शाती है. लाल पत्थर से बनी ये मस्जिद अंदर से भी उतनी ही भव्य है, जितनी बाहर से दिखती है. यहां का विशाल प्रांगण ईद और बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान पूरी तरह भर जाता है. यही वो कारण है, जिसकी वजह से यह मस्जिद जामा मस्जिद से बड़ी मानी जाती है.

ताज-उल-मस्जिद का इतिहास - History Of Taj Ul Masjid

इस मस्जिद का निर्माण भोपाल की नवाब शाहजहां बेगम ने करवाया था. वह अपने समय की प्रभावशाली शासिका थीं और कला और संस्कृति को बढ़ावा देती थीं. कुछ कारणों से इसका निर्माण बीच में रुक गया था, लेकिन बाद में इसे पूरा किया गया. ताज-उल-मस्जिद का मतलब होता है मस्जिदों का ताज, जो इसकी भव्यता को पूरी तरह दर्शाता है.

जामा मस्जिद से क्यों है अलग - Difference From Jama Masjid

दिल्ली की जामा मस्जिद ऐतिहासिक और प्रसिद्ध है, लेकिन बैठने की क्षमता के मामले में भोपाल की ताज-उल-मस्जिद उससे कहीं बड़ी है. यही वजह है कि भारत की सबसे बड़ी मस्जिद का रिकॉर्ड इस मस्जिद के नाम दर्ज है.

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